झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही CID ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आयोग के पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते को गिरफ्तार कर लिया। CID के अतिरिक्त महानिदेशक मनोज कौशिक ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है। जांच एजेंसी इससे पहले खियांग्ते से चार बार पूछताछ कर चुकी थी। 28 जुलाई से शुरू हुई पूछताछ के दौरान परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर उनसे कई घंटे तक सवाल-जवाब किए गए। खियांग्ते ने 22 जुलाई को JPSC चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया था, जिसे राज्यपाल ने स्वीकार कर लिया था। परीक्षा के परिणाम और प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थियों ने सवाल उठाए थे और निष्पक्ष जांच की मांग की थी। मामले की जांच के दौरान JPSC कार्यालय समेत कई स्थानों पर कार्रवाई की गई और परीक्षा से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों से पूछताछ की गई। पूर्व चेयरमैन की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में CID द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की संख्या 20 हो गई है। अब जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताएं कैसे हुईं और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। दावा है अन्य लोगो की भूमिका है। जो कार्यवाही की जड़ में है।