कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की बदहाल स्थिति लगातार सामने आ रही है। रविवार को हुई बारिश के बाद एक्सप्रेसवे करीब दस स्थानों पर फिर धंस गया। पानी निकासी के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से कई जगह जलभराव की स्थिति बन गई। सड़क में खराबी के कारण मरम्मत कार्य लगातार जारी है और कई स्थानों पर यातायात प्रभावित हो रहा है।
63 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे का 13 जुलाई को लोकार्पण हुआ था। निर्माण में अत्याधुनिक तकनीक के इस्तेमाल का दावा किया गया था, लेकिन पहली बारिश के बाद ही सड़क धंसने की समस्या सामने आने लगी। अब स्थिति यह है कि एक स्थान पर मरम्मत का काम पूरा होने से पहले ही दूसरे स्थान पर सड़क में खराबी आ जा रही है। रविवार की बारिश के बाद असोहा क्षेत्र में कई स्थानों पर सड़क पर बरसाती पानी भर गया और सड़क दबने की शिकायत सामने आई। मेदपुर, कुदिकापुर और अचलगंज समेत कई स्थानों पर भी सड़क धंसने और जलभराव की स्थिति बनी। इसके अलावा कुछ स्थानों पर जलनिकासी की नालियां भी टूट गईं।
मरम्मत कार्य के चलते कानपुर-लखनऊ लेन पर कांथा और बेगमखेड़ा के पास दो लेन बंद कर दी गईं। वाहनों को डायवर्जन के जरिए भारी वाहनों वाली लेन से निकाला गया। बारिश के कारण कुछ समय के लिए मरम्मत कार्य भी प्रभावित हुआ। एक्सप्रेसवे की तकनीकी जांच के लिए आईआईटी खड़गपुर की टीम करीब 90 स्थानों से नमूने लेकर लौट चुकी है। इसकी रिपोर्ट एक सप्ताह में आने की उम्मीद है। वहीं निर्माण कंपनी के मैनेजर सत्यनारायण के अनुसार, जहां सड़क दबने और व्हील ट्रैक बनने से पानी भरने की समस्या सामने आई है, वहां मरम्मत का काम कराया जा रहा है।