स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर मंडल प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अब जर्जर, अनफिट या बिना वैध फिटनेस वाले वाहनों में बच्चों को स्कूल ले जाना वाहन संचालकों और विद्यालय प्रबंधन को भारी पड़ेगा। आयुक्त ने अधिकारियों को ऐसे वाहनों की सघन जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्कूली वाहन चालकों के चरित्र, स्वास्थ्य और नेत्र परीक्षण के साथ वाहनों की क्षमता, परमिट और सुरक्षा उपकरणों की भी जांच कराई जाएगी। अभियान के दौरान लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा को लेकर मंडल प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। आयुक्त चित्रकूटधाम मंडल अजीत कुमार ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। जर्जर, अनफिट अथवा बिना वैध फिटनेस वाले वाहनों से स्कूली बच्चों का परिवहन पाए जाने पर संबंधित विद्यालय और वाहन संचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को अभियान चलाकर स्कूली वाहनों की फिटनेस, परमिट, पंजीयन और सुरक्षा मानकों की सघन जांच के निर्देश दिए। 11 से 25 अगस्त तक चल रहा विशेष अभियान
13 अगस्त को आयुक्त की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में परिवहन विभाग के ‘मिशन सेफ फ्यूचर 2.0’ के तहत 11 से 25 अगस्त तक चलाए जा रहे विशेष अभियान की समीक्षा की गई। बैठक में संभागीय परिवहन अधिकारी, संयुक्त निदेशक माध्यमिक शिक्षा, सहायक निदेशक बेसिक शिक्षा,त एआरटीओ, जिला विद्यालय निरीक्षक और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। बिना फिटनेस वाहन से बच्चों का परिवहन हुआ तो कार्रवाई
आयुक्त ने निर्देश दिए कि कोई भी जर्जर, अनफिट या असुरक्षित वाहन सड़क पर संचालित न हो। बिना वैध फिटनेस प्रमाणपत्र वाले वाहन से स्कूली बच्चों को ले जाने पर रोक रहे। बार-बार नोटिस के बावजूद फिटनेस न कराने वाले विद्यालयों और वाहन संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कठोर प्रवर्तन कार्रवाई की जाए। क्षमता से अधिक बच्चे बैठाने पर भी होगी कार्रवाई
स्कूली वाहनों में निर्धारित क्षमता के अनुसार ही बच्चों को बैठाने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी स्थिति में ओवरलोडिंग नहीं होनी चाहिए। छोटे बच्चों के आवागमन के लिए आवश्यकता के अनुसार महिला या पुरुष सहायक की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने को कहा गया है। चालकों का होगा चरित्र, स्वास्थ्य और नेत्र परीक्षण
आयुक्त ने स्कूली वाहन चालकों का चरित्र सत्यापन कराने के साथ स्वास्थ्य और नेत्र परीक्षण कराने के निर्देश दिए। अभिभावकों से भी समय-समय पर चालक के व्यवहार, अनुशासन और सुरक्षित वाहन संचालन को लेकर फीडबैक लेने को कहा गया है, ताकि लापरवाही मिलने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जा सके। अनफिट वाहनों वाले विद्यालयों की बनेगी रेड लिस्ट
मंडल के सभी जनपदों में अनफिट अथवा अनधिकृत वाहनों का संचालन करने वाले विद्यालयों की सूची तैयार कर ‘रेड लिस्ट’ बनाने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूली वाहनों में उपलब्ध सुरक्षा उपकरणों और उनकी कार्यशीलता की भी जांच होगी। नशे की हालत में वाहन चलाने, अत्यधिक पुराने और खराब वाहनों के संचालन तथा सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विद्यालय यान सुरक्षा समितियों को किया जाएगा सक्रिय
आयुक्त अजीत कुमार ने जिला विद्यालय यान सुरक्षा समितियों को सक्रिय करने के निर्देश दिए। अभियान के दौरान विशेष बैठक कर विद्यालयों में संचालित वाहनों और चालकों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। परिवहन और शिक्षा विभाग के अधिकारी आपसी समन्वय से अभियान की निगरानी करेंगे और कार्रवाई की नियमित समीक्षा करेंगे। आयुक्त अजीत कुमार ने कहा कि बच्चों का सुरक्षित विद्यालय आवागमन सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। विद्यालय प्रबंधन, वाहन संचालक, चालक और संबंधित विभागीय अधिकारी अपने दायित्वों का पूरी सजगता से निर्वहन करें। लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। अभियान का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि प्रत्येक स्कूली बच्चे की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना है।