इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मानवीय आधार पर अली अहमद और उमर अहमद को उनके छोटे भाई अबान के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पैरोल मंजूर कर दी है। अदालत ने संबंधित प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि दोनों को निर्धारित अवधि के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अंतिम संस्कार में शामिल कराया जाए और अवधि पूरी होने पर नियमानुसार वापस हिरासत में लिया जाए। दोनों की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया था कि उनके छोटे भाई अबान का निधन हो गया है और वे अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति चाहते हैं। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने परिस्थितियों पर विचार करते हुए मानवीय दृष्टिकोण अपनाया और पैरोल मंजूर करने का आदेश दिया।
हाई कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि पैरोल केवल अंतिम संस्कार में शामिल होने के उद्देश्य से सीमित अवधि के लिए होगी। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए अदालत के आदेश का पालन कराया जाए। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने पैरोल की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। सुरक्षा एजेंसियों को आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि दोनों को सुरक्षित तरीके से अंतिम संस्कार में शामिल कराया जा सके और निर्धारित समय पूरा होने के बाद वापस हिरासत में लिया जा सके।