जिलाधिकारी की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। बैठक में संस्थागत प्रसव, जननी सुरक्षा योजना, टीकाकरण, टीबी उन्मूलन, आयुष्मान कार्ड, आभा आईडी, परिवार कल्याण सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को समयबद्ध ढंग से शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए गए। साथ ही खराब प्रगति वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में बताया गया कि जननी सुरक्षा योजना के तहत निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष संस्थागत प्रसव की प्रगति संतोषजनक नहीं है। इस पर जिलाधिकारी अमित आसेरी ने सभी अधीक्षक एवं प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को आशाओं के सहयोग से शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों के लंबित भुगतान का मामला भी उठा, जिस पर शेष सभी भुगतान शीघ्र कराने को कहा गया। टीकाकरण की समीक्षा के दौरान विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की ओर से महुआ और तिंदवारी ब्लॉक के कमजोर प्रदर्शन की जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने दोनों ब्लॉकों में टीकाकरण व्यवस्था में तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए। इसके अलावा सभी आशाओं का कम्पोजिट स्कोर तैयार कर उसी के आधार पर उनकी नियमित मॉनिटरिंग करने, एएनएम की ड्यू-लिस्ट अपडेट कर एचएमआईएस पोर्टल पर फीड कराने के निर्देश भी दिए गए। तिंदवारी ब्लॉक के खप्टिहाकला गांव में वीएचएसएनडी सत्रों के बेहतर पर्यवेक्षण के लिए दो सीएचओ की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए गए। वहीं टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान के तहत व्यापक स्क्रीनिंग कराने और ब्लॉक स्तर पर टास्क फोर्स गठित करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने सभी स्वास्थ्य इकाइयों में 15 अगस्त से पहले विशेष साफ-सफाई अभियान पूरा कराने तथा अगस्त माह में आशाओं के सहयोग से सभी पात्र लोगों की आभा आईडी बनवाने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड शीघ्र बनवाने और अधिक से अधिक निजी अस्पतालों को इम्पैनल करने पर भी जोर दिया गया। बैठक में नौहाई उप स्वास्थ्य केंद्र (आयुष्मान आरोग्य मंदिर) परिसर में जलभराव की समस्या दूर कराने के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सरकारी स्तर पर हड्डी रोग ऑपरेशन में उपयोग होने वाले इम्प्लांट की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के प्रयास करने को कहा गया, ताकि गरीब मरीजों को बाहर से महंगे दाम पर सामग्री न खरीदनी पड़े।
परिवार कल्याण कार्यक्रम की समीक्षा में जिन स्वास्थ्य इकाइयों में महिला एवं पुरुष नसबंदी की प्रगति शून्य मिली, वहां के अधीक्षक एवं प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। साथ ही रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज सहित सभी सरकारी चिकित्सालयों में मरीजों को बाहर की दवाएं न लिखने की सख्त हिदायत दी गई। बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने 10 अगस्त को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम को सफल बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि एक से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाना सुनिश्चित किया जाए।