शहर के चिल्ला रोड स्थित निखिलम सर्जरी सेंटर में ऑपरेशन के तीन दिन बाद युवक की मौत के मामले में अस्पताल की संचालिका एवं सर्जन, अस्पताल स्टाफ और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ कोतवाली नगर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। परिजनों ने इलाज में लापरवाही, मेडिकल रिकॉर्ड न देने और धमकी देने के आरोप लगाए हैं।
शहर के चिल्ला रोड स्थित निखिलम सर्जरी सेंटर में ऑपरेशन के बाद युवक की मौत के मामले में अस्पताल की संचालिका एवं सर्जन डॉ. अदिति श्रीवास्तव, अस्पताल स्टाफ और अन्य अज्ञात लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र के आधार पर कोतवाली नगर पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। डॉ. अदिति श्रीवास्तव जिला अस्पताल में भी सर्जन के रूप में सेवाएं दे रही हैं। पुलिस को दी गई तहरीर में परिजनों ने बताया कि बिसंडा थाना क्षेत्र के ग्राम मऊ-हुसेनपुर निवासी अतुल सिंह (25) रोजगार के सिलसिले में बिलासपुर (छत्तीसगढ़) में रहता था। 17 मई को पेट दर्द की शिकायत पर उन्हें निखिलम सर्जरी सेंटर में भर्ती कराया गया। परिजनों का आरोप है कि जांच के बाद ऑपरेशन की सलाह दी गई और करीब एक लाख रुपये इलाज के नाम पर जमा कराए गए। ऑपरेशन के बाद युवक को तेज बुखार आने लगा, लेकिन हालत बिगड़ने के बावजूद समुचित उपचार नहीं किया गया।
शिकायत के मुताबिक 20 मई की सुबह अस्पताल में दो इंजेक्शन लगाए जाने के कुछ ही मिनट बाद अतुल की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे उल्टियां होने लगीं और कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि इलाज में लापरवाही के कारण युवक की जान चली गई। एफआईआर में यह भी कहा गया है कि मौत के बाद जब परिजनों ने इलाज से संबंधित दस्तावेज, अल्ट्रासाउंड और अन्य जांच रिपोर्ट मांगी तो उन्हें उपलब्ध नहीं कराया गया। विरोध करने पर अभद्रता की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। शिकायत में अस्पताल परिसर में मौजूद कुछ अज्ञात लोगों द्वारा परिवार को डराने-धमकाने का भी आरोप लगाया गया है। कोतवाली नगर पुलिस ने डॉ. अदिति श्रीवास्तव, अस्पताल स्टाफ और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ बीएनएस की धारा 106, 191(2), 351(3) और 352 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। गम्भीर बताकर जिला अस्पताल से भेजे जाते हैं मरीज
सर्जन डॉ अदिति श्रीवास्तव जिला अस्पताल में भी मरीज को देखते हैं। सूत्रों का कहना है कि अस्पताल में उसे दलाल रहते हैं। जो मरीज को गंभीर बताने के साथ बेहतर सुविधाओं का झांसा देकर प्राइवेट अस्पताल निखलम सर्जरी सेंटर में भेजते हैं। यहां सुविधाओं के नाम पर मरीजो को लूटा जाता है।