प्लॉट पर कथित कब्जे के विरोध में बुधवार सुबह मां-बेटी ने कलक्ट्रेट गेट पर आत्मदाह का प्रयास किया। दोनों ने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल उन्हें रोक लिया और पेट्रोल की बोतल छीनकर बड़ा हादसा होने से बचा लिया। परिवार का आरोप है कि 200 गज के प्लॉट पर पड़ोसी करीब दो महीने से कब्जा किए हुए है और शिकायतों के बावजूद पुलिस-प्रशासन ने समस्या का समाधान नहीं किया।
मानपुर चिकटिया निवासी गौरव के अनुसार, उनके 200 गज के प्लॉट पर पड़ोसी राजवीर ने करीब दो महीने से कब्जा कर रखा है। मंगलवार सुबह प्लॉट पर निर्माण कार्य किए जाने की जानकारी पर परिवार की महिलाएं वहां पहुंचीं और काम रोकने को कहा। आरोप है कि मौके पर कैंट थाने के हल्का प्रभारी राकेश दरोगा भी मौजूद थे। महिलाओं ने आरोप लगाया कि उनके साथ मारपीट कर उन्हें प्लॉट से भगा दिया गया। गौरव के मुताबिक, मामले की शिकायत कई बार पुलिस अधिकारियों, जिलाधिकारी और सदर उपजिलाधिकारी से की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। बुधवार सुबह गौरव की चाची कमलेश, ताई मुन्नी और बहन रोशनी व विमलेश अपने परिवार के साथ कलक्ट्रेट गेट पहुंचीं। परिवार ने पुलिस और प्रशासन पर शिकायतों की अनदेखी का आरोप लगाया। इसी दौरान महिला और उसकी बेटी ने पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह करने की कोशिश की। घटना से कलक्ट्रेट गेट पर अफरातफरी मच गई। कलक्ट्रेट गेट पर तैनात होमगार्ड संदीप शर्मा ने अन्य कर्मचारियों की मदद से महिलाओं के हाथ से पेट्रोल की बोतल छीन ली। इंटेलिजेंस के दरोगा ओमपाल सिंह भी मौके पर मौजूद थे। उन्होंने घटना की जानकारी जिलाधिकारी को दी। जिलाधिकारी ने परिवार को समस्या का जल्द निस्तारण कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद चारों महिलाओं को जिला अस्पताल भेजा गया। मामले में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।