हर खेत में मेड़,हर मेड़ पर पेड़” के तहत कमिश्नर ने वृक्षारोपण की शुरुआत किए जाने के निर्देश दिए हैं। वृक्ष लगाने के साथ उनकी देखभाल के लिए भी कमिश्नर ने निर्देशित किया है।
आयुक्त चित्रकूटधाम मण्डल एवं जनपद चित्रकूट के नोडल अधिकारी अजीत कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार, चित्रकूट में “वृक्षारोपण महायज्ञ-2026” के सफल एवं प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में जनपद स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक को संबोधित करते हुए आयुक्त ने कहा कि वृक्षारोपण केवल शासन का कार्यक्रम नहीं,बल्कि प्रकृति संरक्षण,पर्यावरण संतुलन एवं भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प है। उन्होंने सभी अधिकारियों से अपेक्षा की कि वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 को जनसहभागिता के माध्यम से एक व्यापक जनआंदोलन एवं उत्सव का स्वरूप प्रदान किया जाए। आयुक्त ने “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान की भावना को आत्मसात करते हुए कहा कि जिस प्रकार मां का स्नेह जीवनभर संरक्षण एवं ऊर्जा प्रदान करता है। उसी प्रकार प्रत्येक व्यक्ति का अपने लगाए हुए वृक्ष के प्रति भावनात्मक लगाव एवं संरक्षण का दायित्व होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक पौधे को केवल रोपित ही न किया जाए,बल्कि उसके संरक्षण एवं संवर्धन की भी प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने वन विभाग द्वारा आवंटित लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत गुणवत्तापूर्ण पौधारोपण सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि पौधारोपण से पूर्व स्थल की “पूर्व स्थिति” तथा पौधारोपण के उपरांत की “पश्चात स्थिति” का फोटोग्राफ अनिवार्य रूप से सुरक्षित रखा जाए, जिससे कार्य की पारदर्शिता एवं अनुश्रवण सुनिश्चित किया जा सके।आयुक्त ने निर्देशित किया कि “हर खेत में मेड़, हर मेड़ पर पेड़” की अवधारणा को व्यापक स्तर पर लागू किया जाए तथा कृषि भूमि की मेड़ों पर अधिकाधिक पौधारोपण कर किसानों को भी इस अभियान से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण एवं जल संरक्षण की दृष्टि से यह अभियान अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।उन्होंने निर्देश दिए कि समस्त ग्राम स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी इस अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाएं तथा ग्राम प्रधानों,जनप्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं स्थानीय नागरिकों का अधिक से अधिक सहयोग प्राप्त किया जाए। पंचायत भवनों,गौशालाओं,बेसिक एवं माध्यमिक विद्यालयों,महाविद्यालयों, स्वास्थ्य संस्थानों,सरकारी कार्यालय परिसरों,सड़कों के किनारे,सार्वजनिक स्थलों एवं अन्य उपलब्ध रिक्त भूमि को चिन्हित कर अधिकाधिक पौधारोपण कराया जाए। आयुक्त ने यह भी निर्देशित दिए कि पौधों का समय से उठान सुनिश्चित किया जाए तथा पौधारोपण के उपरांत उनकी नियमित सिंचाई, सुरक्षा एवं जीवितता (Survival Rate) पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण अभियान की सफलता केवल पौधे लगाने में नहीं,बल्कि उन्हें सुरक्षित एवं विकसित करने में निहित है। बैठक में विशेष रूप से युवाओं,विद्यार्थियों, एनसीसी,एनएसएस, स्काउट-गाइड,नेहरू युवा केन्द्र,स्वयंसेवी संगठनों एवं सामाजिक संस्थाओं की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। आयुक्त ने कहा कि युवाओं की सक्रिय सहभागिता से यह अभियान जन-जन का अभियान बनेगा तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामाजिक चेतना और अधिक सुदृढ़ होगी। बैठक के अंत में आयुक्त ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया कि विभागवार निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत पौधारोपण समयबद्ध रूप से पूर्ण कराया जाए तथा अभियान की नियमित मॉनीटरिंग करते हुए किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 को जनभागीदारी,पारदर्शिता एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के साथ सफल बनाना सभी अधिकारियों का सामूहिक दायित्व है। बैठक में पुलिस अधीक्षक अधीक्षक अरुण कुमार सिंह,उप निदेशक,रानीपुर टाइगर रिजर्व,चित्रकूट सहित समस्त जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।