रिहाई से पहले कैदी कोमा में चला गया। जहाँ जेल प्रशासन मिर्गी का दौरा पड़ने से तबियत बिगड़ने के हवाला दिया है। वहीं इस मामले को लेकर परिजन गम्भीर सवाल उठाए हैं।
मंडल कारागार में पॉक्सो एक्ट के तहत जेल में निरुद्ध कैदी नीतीश पाल 25 की सोमवार की सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में हालत बिगड़ गई। जिसे उपचार के लिए मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया। हालत नाजुक होने के कारण वह कोमा में चला गया। बताया गया कि सोमवार को नीतीश की कोर्ट से उसकी जमानत मंजूर होने के बाद उसकी रिहाई होनी थी। लेकिन, रिहाई से पहले वह रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज के एडवांस आईसीयू के वेंटिलेटर पर पहुंच गया। अस्पताल रिकॉर्ड के मुताबिक कैदी नीतीश पाल को पुलिसकर्मी राकेश तथा आशीष पांडे गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे थे।सुबह 11:20 बजे उसे अचेत अवस्था में आईसीयू के वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया गया। घरवालों ने बताया कि नीतीश कुछ समय से बांदा जिला जेल में बंद था।सोमवार को उसकी रिहाई होनी थी। रिहाई की कागजी प्रक्रिया का कार्य चल रहा था। परिजन जेल गेट पर उसका इंतजार कर रहे थे। लेकिन रिहाई से पहले सोमवार की सुबह अचानक जेल के भीतर उसकी हालत बिगड़ गई। जेल में तैनात डॉक्टर का कहना है कि नीतीश पाल को अचानक मिर्गी जैसे तेज दौरे पड़े थे और वह जमीन पर गिर गया। जिससे वह बेहोश हो गया।