शनिवार को आयोजित समाधान दिवस में आयुक्त चित्रकूटधाम मंडल अजीत कुमार और पुलिस उपमहानिरीक्षक चित्रकूटधाम परिक्षेत्र राजेश एस ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं। अधिकारियों ने शिकायतों के निस्तारण में औपचारिकता न बरतने और मौके पर पहुंचकर गुणवत्तापूर्ण समाधान कराने के निर्देश दिए। खासकर भूमि पैमाइश, सीमांकन, पथरगड्डी, चकमार्ग और सार्वजनिक भूमि से अतिक्रमण हटाने के मामलों में राजस्व और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
समाधान दिवस में पहुंचे फरियादियों ने अपनी-अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। आयुक्त अजीत कुमार और डीआइजी राजेश एस ने शिकायतों को गंभीरता और संवेदनशीलता से सुना तथा संबंधित अधिकारियों से प्रकरण की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में पक्षकारों के बीच विवाद अथवा विरोध की स्थिति बन सकती है और उससे कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है, ऐसे प्रकरणों को गंभीरता से चिह्नित किया जाए। मौके पर जाएं, अभिलेख देखें और करें कार्रवाई
आयुक्त ने निर्देश दिए कि भूमि विवाद और पैमाइश से जुड़े मामलों में केवल कागजी निस्तारण न किया जाए। राजस्व अधिकारी अभिलेखों की जांच करने के साथ मौके पर पहुंचकर स्थलीय सत्यापन करें। जरूरत पड़ने पर पुलिस के साथ संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई की जाए, ताकि किसी प्रकार के विवाद की स्थिति न बने। उन्होंने कहा कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच पूरी कर शिकायत का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराया जाए। अवैध कब्जे पर नहीं हो संरक्षण
आयुक्त अजीत कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सार्वजनिक भूमि और चकमार्गों पर अवैध कब्जे के मामलों में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। अवैध कब्जों को किसी भी दशा में संरक्षण न मिलने पाए। पथरगड्डी और सीमांकन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता के साथ कार्रवाई करते हुए पक्षकारों को नियमानुसार समाधान उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने कहा कि समाधान दिवस की सार्थकता तभी है, जब फरियादी को शिकायत के बाद वास्तविक राहत मिले। अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि शिकायतों का निष्पक्ष निस्तारण हो और फरियादियों को एक ही समस्या के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इस दौरान एसडीएम भूपेंद्र यादव, सीओ सदर सौरभ सिंह सहित राजस्व और पुलिस विभाग के संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।