मंडी समिति जसपुरा के औचक निरीक्षण में करीब 65 बोरी गेहूं शेड के नीचे खुले में रखा मिला। वर्षा ऋतु में गेहूं के भीगकर खराब होने की आशंका पर आयुक्त अजीत कुमार ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित खाद्य विपणन अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब करने के साथ ही गेहूं को तत्काल सुरक्षित स्थान पर रखवाने के निर्देश दिए। लापरवाही प्रमाणित होने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की चेतावनी भी दी। सहकारी समिति में लटका मिला ताला
इसके बाद आयुक्त अजीत कुमार ने सहकारी साधन समिति रामपुर का औचक निरीक्षण किया। समिति भवन में ताला लटका मिला। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि समिति कभी-कभार ही खुलती है। इस पर आयुक्त ने नाराजगी जताते हुए सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, सहकारिता, बांदा से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। उन्होंने समिति का नियमित संचालन सुनिश्चित करने को कहा।
आयुक्त ने कहा कि सहकारी समितियां किसानों और ग्रामीणों को खाद, बीज समेत अन्य जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रमुख केंद्र हैं। समिति निर्धारित समय पर खुले और कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित हो। समिति के खुलने के दिन और समय को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने के साथ अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। पंचायत भवन में व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश
ग्राम भ्रमण के दौरान पंचायत भवन की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। आयुक्त ने पंचायत भवन को निर्धारित दिन और समय पर नियमित रूप से खोलने तथा ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं की जानकारी स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साफ-सफाई, बिजली, पेयजल और अभिलेखों के रखरखाव की व्यवस्था दुरुस्त रखने को कहा। उन्होंने ग्राम स्तरीय अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति का नियमित अनुश्रवण करने तथा ग्रामीणों की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराने के निर्देश दिए। सामुदायिक शौचालय का सुनिश्चित करायें वास्तविक उपयोग
आयुक्त ने सामुदायिक शौचालय के निरीक्षण के दौरान पानी, प्रकाश और साफ-सफाई की व्यवस्था नियमित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सामुदायिक शौचालय केवल निर्माण तक सीमित न रहें, बल्कि ग्रामीणों को उसका वास्तविक उपयोग करना सुनिश्चित कराया जाए। सफाई कर्मचारी द्वारा नियमित सफाई और ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया।
सीएससी पर निर्धारित शुल्क ही लेने के निर्देश
कॉमन सर्विस सेंटर के संबंध में आयुक्त ने ग्रामीणों को आय, जाति, निवास, पेंशन सहित विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं का लाभ समय से उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने निर्धारित दर से अधिक शुल्क लेने पर रोक लगाने के निर्देश दिए। केंद्र पर उपलब्ध सेवाओं और निर्धारित शुल्क की सूची स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने को कहा गया। स्वास्थ्य केंद्र में दवाओं की उपलब्धता और कर्मचारियों की उपस्थिति पर जोर
उप स्वास्थ्य केंद्र/आयुष्मान आरोग्य मंदिर की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने स्वास्थ्य कर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देने पर जोर दिया गया। गर्भवती महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। वर्षा ऋतु को देखते हुए जलजनित और संचारी रोगों की रोकथाम के लिए स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई और जरूरी चिकित्सकीय व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा। केंद्र पर उपलब्ध दवाओं की सूची और ड्यूटी रोस्टर सार्वजनिक स्थान पर प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए गए। स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति और पढ़ाई की गुणवत्ता पर जोर
प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने शिक्षकों की नियमित एवं समय से उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा। कमजोर विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग देने और बच्चों की प्रगति का नियमित मूल्यांकन करने के निर्देश दिए। अभिभावकों के साथ बैठक कर विद्यार्थियों की उपस्थिति और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने पर भी जोर दिया गया।
विद्यालयों में पेयजल, बिजली, पंखे, शौचालय और बैठने जैसी मूलभूत सुविधाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। बच्चों को स्वच्छता, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और पौधरोपण के प्रति जागरूक करने के साथ लगाए गए पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी विद्यार्थियों और विद्यालय परिवार को देने को कहा गया।
कागजों में नहीं, धरातल पर दिखें व्यवस्थाएं
आयुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकारी व्यवस्थाएं केवल अभिलेखों में पूर्ण नहीं दिखनी चाहिए, बल्कि उनका वास्तविक संचालन धरातल पर नजर आना चाहिए। विभागीय अधिकारी नियमित क्षेत्र भ्रमण कर व्यवस्थाओं का सत्यापन करें और निरीक्षण में मिलने वाली कमियों का तत्काल निस्तारण कराएं। उन्होंने कहा कि जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना, किसानों की समस्याओं का समाधान, स्वास्थ्य एवं शिक्षा सेवाओं को प्रभावी बनाना और ग्राम स्तर की संस्थाओं का नियमित संचालन शासन की प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। लापरवाही या शिथिलता मिलने पर संबंधित अधिकारी अथवा कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।