शनिवार को विद्युत करंट की चपेट में आकर दो सगे भाई बिजली के तार में चिपक गए। बच्चों को करंट में फंसा देख ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर जांच प्रार्थना पत्र के सिलसिले में गांव में मौजूद पुलिस के जाबांज सिपाहियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना तत्काल मौके पर पहुंचकर डंडे की मदद से दोनों बच्चों को विद्युत तार से सुरक्षित अलग कर उनकी जान बचाई।
बिसंडा पुलिस ग्राम पुनाहुर में जांच प्रार्थना पत्र के संबंध में मौजूद थी। इसी दौरान कुछ ग्रामीण घबराते हुए पुलिसकर्मियों के पास पहुंचे और बताया कि प्रमोद 9 वर्ष व उसका छोटा भाई राजू 5 वर्ष विद्युत करंट की चपेट में आकर तार से चिपक गए हैं। सूचना मिलते ही दोनों पुलिसकर्मी बिना समय गंवाए घटनास्थल पर पहुंचे और साहस व सूझबूझ का परिचय देते हुए बच्चों को करंट से अलग किया। इसके बाद दोनों बच्चों को तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिसंडा ले जाकर उपचार के लिए भर्ती कराया। चिकित्सकों ने उपचार के बाद दोनों को स्वस्थ और सकुशल बताया।
पुलिसकर्मियों ने बच्चों के परिजनों को सूचना देकर अस्पताल बुलाया और दोनों सगे भाइयों को सकुशल उनके सुपुर्द कर दिया। कांस्टेबल जितेंद्र कुमार और कांस्टेबल सुनील कुमार बिंद की तत्परता, साहस और मानवीय संवेदनशीलता से बड़ा हादसा टल गया और दोनों मासूमों की जान बच सकी। पुलिसकर्मियों के इस साहसिक कार्य की स्थानीय ग्रामीणों ने सराहना की।