मिशन शक्ति अभियान के तहत चिह्नित महिला संबंधी अपराधों में प्रभावी अभियोजन और पैरवी के परिणामस्वरूप वर्ष 2021 में थाना कोतवाली नगर क्षेत्र में नाबालिग से छेड़छाड़, फोन पर अश्लील बातें करने और पीड़ित परिवार को जान से मारने की धमकी देने के मामले में न्यायालय ने मुख्य अभियुक्त को तीन वर्ष के कारावास और ₹2,500 के अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं मामले में शामिल चार अन्य अभियुक्तों को एक-एक वर्ष के कारावास तथा कुल ₹6,000 के अर्थदंड से दंडित किया गया है।
एसपी पलाश बंसल ने बताया कि 20 जुलाई 2021 को थाना कोतवाली नगर में नाबालिग के साथ छेड़छाड़, फोन पर अश्लील बातें करने और पीड़ित परिवार को जान से मारने की धमकी देने की सूचना मिली थी। पीड़िता की मां की तहरीर पर कोतवाली नगर थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक अखिलेन्द्र प्रताप सिंह ने की। विवेचना के दौरान साक्ष्यों के आधार पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया। इसके बाद लोक अभियोजक शिवपूजन सिंह एवं सुनील कुमार गुप्ता ने न्यायालय में प्रभावी पैरवी की। कोर्ट मोहर्रिर आरक्षी अमित सिंह और पैरोकार आरक्षी अभिलाष यादव के प्रयासों से अभियोजन पक्ष को सफलता मिली। न्यायालय ने धारा 147, 354, 504 भादवि तथा धारा 7/8 पॉक्सो एक्ट के तहत मुख्य अभियुक्त मोनू पुत्र प्यारेलाल, निवासी कंचनपुरवा, थाना कोतवाली नगर, बांदा को तीन वर्ष के कारावास और ₹2,500 के अर्थदंड से दंडित किया। वहीं उपमा पत्नी मोनू, अजय पुत्र प्यारेलाल, संजय पुत्र भउवा और परवेज पुत्र भउवा को एक-एक वर्ष के कारावास तथा कुल ₹6,000 के अर्थदंड की सजा सुनाई गई।