स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर सख्ती, हर माह होगी प्रगति की समीक्षा

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स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों को नियमित निगरानी और स्थलीय निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। आशाओं के भुगतान से लेकर दवाओं की उपलब्धता, मरीजों की स्क्रीनिंग, स्वच्छता और टेलीमेडिसिन तक सभी प्रमुख बिंदुओं की नियमित समीक्षा होगी। दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को ई-संजीवनी के जरिए गुणवत्तापूर्ण चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया गया।
सोमवार को आयुक्त चित्रकूटधाम मंडल अजीत कुमार की अध्यक्षता में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मंडलीय समीक्षा बैठक हुई। इसमें अपर निदेशक, संयुक्त निदेशक, मुख्य चिकित्साधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी समेत मंडलीय और जनपदीय अधिकारियों के साथ UNICEF और UNDP के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में 108-102 और ALS एंबुलेंस, शव वाहन, ब्लड बैंक, स्टेमी, NQAS, आशा कार्यक्रम, ई-संजीवनी, एनसीडी पोर्टल, आभा आईडी, नियमित टीकाकरण, परिवार नियोजन और अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा की गई।
आयुक्त अजीत कुमार ने निर्देश दिए कि सभी आशाओं का भुगतान हर माह पांच तारीख तक अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए। प्रसव के बाद महिलाओं को नियमानुसार 48 घंटे बाद ही डिस्चार्ज किया जाए और उनका भुगतान भी समय से सुनिश्चित हो। वर्ष 2026-27 के वार्षिक लक्ष्यों को मासिक लक्ष्य में बांटकर नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।
30 साल से अधिक उम्र वालों की होगी स्क्रीनिंग गैर-संचारी रोगों की रोकथाम के लिए 30 वर्ष की आयु पूरी कर चुके सभी लोगों का ई-कवच पोर्टल पर पंजीकरण और स्क्रीनिंग कराने के निर्देश दिए गए। रक्तचाप और मधुमेह की जरूरी दवाएं सभी उपकेंद्रों पर उपलब्ध रखने को कहा गया। संदिग्ध मरीजों को समय से संदर्भित कर जांच और उपचार शुरू कराने तथा आशा, एएनएम और सीएचओ के माध्यम से नियमित फॉलोअप कराने के निर्देश दिए गए। मंडल के जिला स्तरीय और विशेष चिकित्सालयों में 394, सीएचसी में 242, एएएम-पीएचसी में 195 और एएएम-उपकेंद्रों में 84 आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। स्वास्थ्य इकाइयों में साफ-सफाई, भवन की स्थिति, खिड़की-दरवाजों और पानी के रिसाव जैसी व्यवस्थाओं को भी दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए।
91,099 वरिष्ठ नागरिकों के बने कार्ड
बैठक में बताया गया कि मंडल में 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के अब तक 91,099 कार्ड बनाए जा चुके हैं। आयुक्त ने पात्र वरिष्ठ नागरिकों को योजना का लाभ दिलाने की प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी के लिए एनएचएम के जनपदीय सलाहकारों और प्रबंधकों को नियमित पर्यवेक्षकीय भ्रमण करने तथा उसकी रिपोर्ट मंडल और राज्य स्तर पर उपलब्ध कराने को कहा गया। चिकित्साधिकारियों को भी निर्धारित भ्रमण पूरा कर कमियों का तत्काल निराकरण कराने के निर्देश दिए गए।
ई-संजीवनी से दूरदराज के मरीजों को मिलेगा इलाज
आयुक्त ने ई-संजीवनी सेवाओं को प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को टेलीमेडिसिन के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। दवाओं के स्टॉक और वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए डीवीडीएमएस पोर्टल पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। आरबीएस के टीम को सितंबर 2026 तक सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का प्रथम भ्रमण पूरा करने तथा अक्टूबर 2026 से मार्च 2027 के बीच दूसरा भ्रमण करने के निर्देश दिए गए। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गुलाबनगर, बांदा को मंडल की पहली NQAS प्रमाणित स्वास्थ्य इकाई के रूप में क्वालिफाई कराने के लिए जनपदीय टीम की प्रशंसा भी की गई।
हार्ट अटैक के मरीजों के इलाज पर भी जोर
हृदयाघात के मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए स्टेमी इकाइयों की प्रगति बढ़ाने और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सकों को जिला चिकित्सालय स्तर पर हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए गए। इंजेक्शन Tenecteplase और Streptokinase की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को भी कहा गया।
आयुक्त ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सभी इंडिकेटर्स की लगातार समीक्षा कर सुधार सुनिश्चित किया जाए। दवाओं की उपलब्धता, स्वच्छता, मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। अधिकारी नियमित स्थलीय अनुश्रवण कर कमियों का तत्काल निराकरण कराएं, ताकि प्रत्येक नागरिक को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
UP TIMES NEWS
Author: UP TIMES NEWS

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