नोएडा में काम कर रहे कर्मचारी भड़क गए। लगभग 50 कम्पनियों में तोड़फोड़ करने के साथ सैकड़ो गाड़िया तोड़ डाली। कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया।
गौतमबुद्धनगर जिले के नोएडा में निजी कंपनियों के कर्मचारियों का प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारी कई सेक्टरों में जमकर उत्पात मचा रहे हैं। पुलिस ने उपद्रवियों पर लाठीचार्ज भी किया है। सेक्टर 57 में पिछले एक घंटे में प्रदर्शनकारियों ने करीब पचास कंपनियों और दो सौ गाड़ियों में तोड़फोड़ की है। उन्होंने कंपनी को आग लगाने की कोशिश भी की। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को दौड़ा दिया। सेक्टर 57 में उपद्रवियों ने कंपनियों में तोड़फोड़ की और इमारतों के शीशे तोड़े। जिससे स्टाफ को भागना पड़ा। बड़ी संख्या में कंपनियों में तोड़फोड़ और पथराव हुआ। सेक्टर 59 में पुलिस की जीप का शीशा तोड़ा गया और कंपनी में आग लगाने की कोशिश की गई। सेक्टर 58 में श्रमिकों ने आगजनी की और जुलूस के रूप में निकले कर्मचारियों ने कई फैक्ट्रियों में पत्थरबाजी की। उपद्रवी सेक्टर 58 की कंपनी में घुस गए और जमकर तोड़फोड़ की। प्रदर्शनकारी अब समूह में निकल रहे हैं। उनके हाथों में डंडे और छड़ हैं। वे लगातार पत्थर भी चला रहे हैं। लोगों ने पुलिस को भी दौड़ाया है। यह प्रदर्शन हिंसक होता जा रहा है। पुलिस ने सेक्टर 57 और सेक्टर 58 में लाठीचार्ज किया है। फेस दो में पत्थरबाजी करने वाले प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस ने स्मॉग गन चलाई। प्रदर्शनकारियों ने फैक्ट्रियों के सीसीटीवी कैमरे भी तोड़ दिए हैं। पुलिस स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही है। पहचान के बाद भड़काने वालों पर की जायेगी कार्यवाही- डीजीपी
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने सोमवार को कहा कि पुलिस उन तत्वों की पहचान कर रही है। जिन्होंने कथित तौर पर नोएडा में श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काई थी, और उन्होंने चेतावनी दी कि उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डीजीपी ने कहा कि अशांति में शामिल “भड़काने वाले तत्वों” और “बाहरी तत्वों” का पता लगाया जा रहा है। एक बार जब उनकी पहचान स्थापित हो जाएगी, तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने जारी की नई गाइडलाइंस
गौतमबुद्ध नगर जिले में श्रमिकों के अधिकारों को सुरक्षित करने और औद्योगिक क्षेत्र में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मेधा रूपम ने नई और महत्वपूर्ण गाइडलाइंस जारी की हैं। इन निर्देशों का मुख्य जोर कर्मचारियों के वेतन, ओवरटाइम भुगतान, बोनस और शिकायत निवारण तंत्र को सुव्यवस्थित करना है। नई गाइडलाइंस के अनुसार, जिले की सभी कंपनियों और औद्योगिक इकाइयों को अब हर महीने की 10 तारीख तक अपने कर्मचारियों का वेतन भुगतान करना अनिवार्य होगा। जिलाधिकारी ने इस संबंध में किसी भी तरह की लापरवाही या अनावश्यक देरी को बर्दाश्त न करने की सख्त हिदायत दी है। नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।