विद्यालय में गंदगी मिलने पर आयुक्त ने नाराजगी जताने के साथ बीएसए का जवाब-तलब किया है। साथ ही उन्होंने शिक्षण कार्य में लापरवाही बरतने पर कार्यवाही की चेतावनी दी है। वहीं अस्पताल में गंदगी मिलने पर कमिश्नर ने जेसीबी बुलाकर मौके पर सफाई करवाई।
आयुक्त चित्रकूट धाम अजीत कुमार ने पीसीएफ मौदहा का औचक निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित पाए गए। गोदाम में यूरिया,डीएपी एवं एनपीके उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध पाई गई। अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि वर्तमान में किसानों के लिए उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने निर्देश दिए कि उर्वरकों की उपलब्धता निरंतर बनाए रखी जाए।किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप समय से उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। तथा वितरण व्यवस्था पूर्णतः पारदर्शी रहे। किसी भी प्रकार की कालाबाजारी,जमाखोरी अथवा अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी। किसानों की शिकायतों का तत्काल निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा उर्वरक वितरण की नियमित निगरानी की जाए। इसके पश्चात आयुक्त महोदय ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर,मकराव का निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय दोनों एएनएम उपस्थित मिलीं। तथा उनके द्वारा तीन मरीजों का उपचार किया जाना अभिलेखों में दर्ज पाया गया।स्वास्थ्य केन्द्र पर आवश्यक दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रही। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केन्द्र तक पहुंच मार्ग पर कूड़े का ढेर तथा सड़क किनारे नालियों में गंदगी पाई गई। जिस पर आयुक्त ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल जेसीबी बुलाकर साफ-सफाई कार्य प्रारम्भ कराया गया। उपजिलाधिकारी मौदहा को निर्देशित किया कि अपनी उपस्थिति में उक्त साफ-सफाई कार्य पूर्ण कराकर मय फोटोग्राफ सहित अनुपालन आख्या आज सायं तक कार्यालय को प्रेषित करें। आयुक्त अजीत कुमार ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। प्रत्येक मरीज के साथ संवेदनशील एवं गुणवत्तापूर्ण व्यवहार किया जाए तथा आवश्यक दवाओं एवं जांच सुविधाओं की उपलब्धता निरंतर बनी रहे। स्वास्थ्य केन्द्रों के परिसर एवं पहुंच मार्ग की नियमित साफ-सफाई कराई जाए। गर्भवती महिलाओं,बच्चों एवं वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता के आधार पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। तथा आयुष्मान भारत सहित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाया जाए। इसके उपरांत आयुक्त ने पूर्व माध्यमिक विद्यालय, मकराव का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय दोनों अध्यापिकाएं अध्यापन कार्य करती मिली। विद्यालय में विद्यार्थियों के बैठने हेतु डेस्क,विद्युत,पंखे एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था उपलब्ध पाई गई। हालांकि विद्यालय का शौचालय अत्यंत गंदा पाया गया तथा बाउंड्रीवाल एवं पोर्च की कुछ टाइलें क्षतिग्रस्त मिलीं। इस पर आयुक्त ने गहरी अप्रसन्नता व्यक्त करते हुये बेसिक शिक्षा अधिकारी हमीरपुर से स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए। आयुक्त ने शिक्षकों को निर्देशित किया कि सभी शिक्षक नियमित एवं समय से विद्यालय उपस्थित होकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य सुनिश्चित करें। विद्यार्थियों की आधारभूत शैक्षिक दक्षता विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा अध्ययन में कमजोर बच्चों के लिए विशेष कक्षाओं का संचालन किया जाए। नियमित पेरेंट्स-टीचर मीटिंग आयोजित कर अभिभावकों को बच्चों की शिक्षा से जोड़ा जाए तथा विद्यार्थियों की अधिकतम उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। विद्यालय परिसर की स्वच्छता एवं शौचालयों की नियमित सफाई कराई जाए तथा सभी आधारभूत सुविधाओं का समुचित रखरखाव किया जाए। साथ ही प्रत्येक विद्यार्थी को अपने घर, खेत की मेड़ों एवं आसपास उपलब्ध स्थानों पर अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके नियमित संरक्षण एवं देखभाल के लिए प्रेरित किया जाए। जिससे पर्यावरण संरक्षण की भावना बाल्यावस्था से ही विकसित हो सके।