प्रधानमंत्री कार्यालय के बाहर राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। शिक्षा मंत्री सहित प्रधानमंत्री की इस्तीफे की मांग करते रहे। सुरक्षा बलों ने धरना दे रहे नेताओं को जबरियाँ हटाते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया है। कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का आरोप लगाया।
प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, एनसीपी (शरद पवार) सांसद सुप्रिया सुले और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी समेत कई विपक्षी नेताओं को मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। विपक्षी दलों के नेताओं ने छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च किया था। लोक कल्याण मार्ग के निकट पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी सड़क पर बैठ गए और अन्य नेताओं ने भी वहीं धरना शुरू कर दिया। कुछ देर बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सभी नेताओं को हिरासत में लेकर बसों के जरिए अलग-अलग स्थानों पर भेज दिया। कार्रवाई के दौरान राहुल गांधी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसमें पुलिसकर्मी उन्हें धरना स्थल से हटाते नजर आ रहे हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे नेताओं के साथ धक्का-मुक्की की गई। वहीं, पुलिस का कहना है कि प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी और सुरक्षा कारणों से कार्रवाई की गई।हिरासत के बाद कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का आरोप लगाया। वहीं, इस घटनाक्रम को लेकर दिनभर राजनीतिक बयानबाजी जारी रही और सोशल मीडिया पर विरोध प्रदर्शन तथा पुलिस कार्रवाई के वीडियो चर्चा का विषय बने रहे।