मेले देखने गई छात्रा को कार सवार युवक अपहरण कर जंगल में ले गए। जहां उन्होंने छात्रा के साथ सामुहिक दुष्कर्म किया। घटना के बाद आरोपी छात्रा को रक्त रंजित हालत में छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
यूपी के बुलंदशहर स्थित चौला थाना क्षेत्र के गांव पचौता में आयोजित एक मेले में गई नाबालिग छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला प्रकाश में आया है। 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा का आरोपियों ने अपहरण कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों ने मेले से छात्रा का मुंह भींचकर उसे गाड़ी में डाला और पास के जंगल में ले जाकर दरिंदगी की। घटना के बाद से क्षेत्र में भारी रोष व्याप्त है। पुलिस ने पिता की तहरीर पर तीन नामजद समेत एक अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करते हुए नामजद तीनों आरोपियों को गिफ्तार कर लिया। थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़ित पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि उनकी 16 वर्षीय पुत्री 11वीं कक्षा की छात्रा है। शाम करीब 6:30 बजे अपने परिजनों के साथ पचौता गांव में मेला देखने गई थी। जब छात्रा मेले में मौजूद थी, तभी एक कार में सवार दो युवकों ने अचानक उसे दबोच लिया। आरोपी छात्रा का मुंह भींचकर उसे जबरन गाड़ी में डालकर जंगल की ओर ले गए। इस दौरान एक अन्य गाड़ी में सवार दो अन्य युवक भी वहां पहुंच गए। जंगल के सुनसान इलाके में गाड़ी खड़ी कर दो आरोपियों ने नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया, जबकि दूसरी गाड़ी में आए दो अन्य युवकों ने भी उसके साथ छेड़छाड़ और दुष्कर्म की कोशिश की। जब काफी देर तक छात्रा नहीं मिली, तो परिजनों ने शोर मचाया और उसकी तलाश शुरू की। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद छात्रा जंगल में अर्द्धबेहोश और लहूलुहान हालत में मिली।होश आने पर पीड़िता ने आपबीती सुनाई, जिसके बाद परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। पीड़िता ने आरोपियों की पहचान दीपांशु यादव निवासी सराय दूल्हा, प्रिंस यादव निवासी बमहैटा गाजियाबाद और सुनील यादव निवासी पचौता के रूप में की है। एक अन्य आरोपी अज्ञात बताया जा रहा है। सीओ भास्कर कुमार मिश्रा ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर तीन नामजद समेत अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
घटना से आक्रोशित होकर बृहस्पतिवार की सुबह भारी संख्या में ग्रामीण और पीड़िता के परिजन चोला थाने पहुंच गए। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। माहौल बिगड़ता देख सीओ भास्कर मिश्रा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया और विश्वास दिलाया कि पुलिस मामले को पूरी गंभीरता से ले रही है। सीओ ने आश्वासन दिया कि आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की जा रही है और जल्द ही वह सलाखों के पीछे होंगे। पुलिस के अनुसार, पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। सामूहिक दुष्कर्म जैसे गंभीर मामले में मेडिकल रिपोर्ट केस को मजबूती देने के लिए सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य होगी। इसके साथ ही, पुलिस जल्द से जल्द मजिस्ट्रेट के समक्ष पीड़िता के धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी करेगी। थाना पुलिस का कहना है कि एफआईआर में दर्ज कार नंबर और नामजदगी के आधार पर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। वहीं पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।