जिला अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन शैय्या क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल के निर्माण कार्य का आयुक्त ने औचक निरीक्षण किया। निर्माण कार्य लगभग 76 प्रतिशत पूरा हो चुका है। आयुक्त ने समय से कार्य को पूरा किये जाने के निर्देश दिए हैं।
मंगलवार को चित्रकूट धाम मंडल के आयुक्त एवं जिले के नोडल अधिकारी अजीत कुमार ने निर्माणाधीन भवन का औचक निरीक्षण कर कार्य की प्रगति और गुणवत्ता परखी। उन्होंने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को शेष कार्य निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत जिला अस्पताल परिसर में 50 बेड की क्षमता वाले अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक का निर्माण कराया जा रहा है। परियोजना की कुल स्वीकृत लागत 18.38 करोड़ रुपये है। निर्माण कार्य नवंबर 2024 में शुरू हुआ था और इसे अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक परियोजना के लिए 13.56 करोड़ रुपये की धनराशि प्राप्त एवं व्यय की जा चुकी है। अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान बताया कि चार मंजिला अस्पताल भवन में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के अनुरूप आवश्यक आधारभूत संरचना विकसित की जा रही है। भवन में आरसीसी ओवरहेड वाटर टैंक, ग्रिड मेटल फॉल्स सीलिंग, आंतरिक जलापूर्ति एवं सेनेटरी व्यवस्था, विद्युतीकरण, फायर फाइटिंग सिस्टम, ऑटोमेटिक फायर अलार्म सिस्टम, अंडरग्राउंड वाटर टैंक, इंटरनल रोड, स्टॉर्म वाटर ड्रेन, सीवर एवं जलापूर्ति लाइन, लिफ्ट, रैंप तथा बाह्य विद्युत संयोजन सहित अन्य कार्य कराए जा रहे हैं। भवन के भूतल, प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय तल का स्ट्रक्चर कार्य पूरा हो चुका है। प्लास्टर, पुट्टी, फॉल्स सीलिंग, विद्युत कार्य, सीवर एवं सेप्टिक टैंक समेत अन्य कार्यों में भी तेजी से प्रगति हो रही है। उपयोग प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के लिए आवश्यक कार्यवाही भी पूरी कर ली गई है। अधिकारियों ने बताया कि शुरुआत में भूमि संबंधी विवाद के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हुआ था। जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के समन्वित प्रयास से भूमि उपलब्ध कराने के साथ आवश्यक तकनीकी स्वीकृतियां प्राप्त की गईं, जिसके बाद निर्माण कार्य में तेजी लाई गई। आयुक्त अजीत कुमार ने सभी अवशेष कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने और निर्माण में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न करने के निर्देश दिए। क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक के शुरू होने के बाद चित्रकूट सहित आसपास के क्षेत्रों के गंभीर एवं आपातकालीन मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही अत्याधुनिक गहन चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी। इससे मरीजों को समय पर बेहतर उपचार मिलने के साथ गंभीर मरीजों को दूसरे जनपदों में रेफर करने की आवश्यकता भी कम होगी।