कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं के विरोध में बुधवार को राजधानी पटना में छात्रों का प्रदर्शन हिंसक हो गया। लोक भवन की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने गांधी मैदान के पास बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। आगे बढ़ने की कोशिश पर पुलिस और छात्रों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके बाद स्थिति बेकाबू हो गई। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इसके साथ ही पानी की बौछार और हल्का लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी और विभिन्न छात्र संगठनों के कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, पेपर लीक की निष्पक्ष जांच और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग कर रहे थे। छात्रों का आरोप है कि लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं से लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर लग गया है, लेकिन सरकार दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब कुछ छात्र बैरिकेडिंग पार करने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बल प्रयोग किया। इस दौरान कई छात्र सड़क पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पुलिस कार्रवाई के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शांतिपूर्ण मार्च पर पुलिस ने बल प्रयोग किया, जबकि पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए। घटना के बाद पूरे इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। पेपर लीक के मुद्दे को लेकर छात्रों में लगातार नाराजगी बढ़ रही है। अभ्यर्थियों का कहना है कि बार-बार परीक्षाएं रद्द होने और अनियमितताओं के कारण उनकी मेहनत और समय दोनों बर्बाद हो रहे हैं। छात्र संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। बता दें कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर देश के कई राज्यो में बवाल बाजी की घटनाएं बढ़ रही है।