पुलिस ने बाल विवाह, महिला सुरक्षा और किशोर अपराधों पर सख्ती बढ़ा दी है। पुलिस लाइन में आयोजित विशेष किशोर पुलिस इकाई (SJPU) की मासिक समीक्षा बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने साफ निर्देश दिए कि बाल विवाह कराने वालों के साथ-साथ टेंट हाउस संचालकों और कैटरर्स के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बाल विवाह रोकने के लिए सख्त निर्देश
पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में हुई बैठक में अधिकारियों को बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता अभियान तेज करने और एसओपी का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए गए। एएसपी ने शिवराज ने कहा कि बाल विवाह की सूचना मिलते ही तत्काल कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। गुमशुदा बच्चों पर एएसपी ने किया विशेष फोकस
बैठक में गुमशुदा बच्चों की जल्द बरामदगी, उनकी जानकारी समय से CCTNS और वात्सल्य पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए गए। चार महीने से अधिक समय से लापता बालिकाओं के मामलों में मानव तस्करी एवं लैंगिक शोषण की आशंका को देखते हुए AHTU की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करने को कहा गया। महिला सुरक्षा मामलों में क्या दिए गए निर्देश?
महिला पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पीड़िताओं की जरूरत के अनुसार काउंसलिंग कराई जाए और नियमानुसार चिकित्सीय परीक्षण अनिवार्य रूप से कराया जाए। साथ ही धारा 180 बीएनएसएस के तहत पीड़िता का बयान केवल महिला उपनिरीक्षक या उससे वरिष्ठ अधिकारी ही दर्ज करेंगे। साक्ष्य जुटाने पर दिया गया जोर
एएसपी शिवराज ने विवेचकों को निर्देशित किया कि पीड़िता के बयान की पुष्टि कॉल रिकॉर्ड, परिजनों के बयान और अन्य साक्ष्यों से की जाए। साथ ही पीड़िता कितने दिन बाहर रही, किन लोगों के संपर्क में रही और उसके साथ क्या हुआ, इससे जुड़े सभी तथ्यों के ठोस साक्ष्य जुटाए जाएं। किशोर न्याय अधिनियम का पालन जरूरी
बैठक में एएसपी शिवराज के द्वारा अपराध में शामिल किशोरों के मामलों को नियमानुसार किशोर न्याय बोर्ड (JJB) भेजने और चरित्र सत्यापन के दौरान भी किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।