बाँदा-कच्चा तालाब में गूंजा हरियाली का संदेश, संत निरंकारी मिशन ने रोपे पौधे

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संत निरंकारी मिशन के सेवादल सदस्यों और अनुयायियों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए वृहद पौधरोपण अभियान चलाया। अभियान में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने सहभागिता करते हुए पौधे रोपे और उनके संरक्षण का संकल्प लिया।
बांदा शहर के कच्चा तालाब, अलीगंज में रविवार सुबह सात बजे संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन की ओर से ‘वननेस वन-प्रकृति के साथ समरसता’ परियोजना के तहत पौधरोपण किया गया। अभियान जोनल इंचार्ज कन्हैयालाल के नेतृत्व में आयोजित हुआ, जिसमें संत निरंकारी मिशन के सेवादल सदस्यों और अनुयायियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन की ओर से 23 अगस्त को ‘वननेस वन’ महाअभियान के छठे चरण की शुरुआत की गई। देशभर के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 630 स्थानों पर एक साथ अभियान आयोजित किया गया। इस दौरान मिशन के लाखों श्रद्धालुओं और स्वयंसेवकों ने सहभागिता करते हुए करीब 10 लाख पौधे रोपे। बाबा हरदेव सिंह का संदेश ‘प्रदूषण अंदर हो या बाहर दोनों ही हानिकारक है’ अभियान की प्रेरणा का प्रमुख आधार है। मिशन की ओर से बताया गया कि पर्यावरण संरक्षण को केवल पौधरोपण तक सीमित न रखकर प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता को जीवन का हिस्सा बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
सतगुरु माता सुदीक्षा और निरंकारी राजपिता रमित के आशीर्वाद से अगस्त 2021 में शुरू हुई ‘वननेस वन’ पहल अब देशव्यापी अभियान का रूप ले चुकी है। इसका उद्देश्य प्रकृति के साथ आत्मीय संबंध मजबूत करने, पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित एवं संतुलित वातावरण तैयार करना है।
600 से अधिक स्थानों पर संरक्षण की जिम्मेदारी
संत निरंकारी मंडल के सचिव जोगिंदर सुखीजा के अनुसार देश के विभिन्न राज्यों में अब तक करीब 350 वृक्ष समूह स्थापित किए जा चुके हैं। वहीं 600 से अधिक ‘वननेस वन’ स्थलों पर श्रद्धालु और सेवादार पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन में जुटे हैं। तीन से पांच साल तक होगी पौधों की देखभाल
अभियान की खास बात यह है कि पौधे लगाने के बाद उनकी देखभाल की जिम्मेदारी भी निभाई जाएगी। प्रत्येक पौधे की तीन से पांच वर्षों तक नियमित देखभाल की जाएगी, ताकि वे विकसित होकर सघन लघु वन का रूप ले सकें। इससे जैव विविधता को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ व हरित वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
UP TIMES NEWS
Author: UP TIMES NEWS

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