उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ‘सम्मिलित अवर अधीनस्थ सेवा (स्नातक स्तरीय) मुख्य परीक्षा-2026’ रविवार को कड़ी सुरक्षा और निगरानी के बीच सफलतापूर्वक संपन्न हुई। परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आधुनिक तकनीक के साथ व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए। सख्त जांच के दौरान लखनऊ में एक अभ्यर्थी को ब्लूटूथ डिवाइस के साथ पकड़ा गया।
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की विज्ञापन संख्या 07-परीक्षा/2026 के तहत परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक प्रदेश के 12 जनपदों के 229 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई। विभिन्न विभागों के 2,587 पदों के लिए कुल 1,00,602 अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र जारी किए गए थे। इनमें 79,772 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 20,830 अनुपस्थित रहे।
आयोग के अध्यक्ष डॉ. एसएन साबत ने परीक्षा के सफल आयोजन पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि आयोग प्रदेश की सभी भर्ती परीक्षाओं को पारदर्शी, निष्पक्ष और पूरी तरह नकलविहीन माहौल में कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि परीक्षा में फेशियल रिकग्निशन-एआई और आधार सत्यापन जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यापक इस्तेमाल किया गया। अभ्यर्थियों के पुराने बायोमेट्रिक डेटा से त्वरित मिलान कर वास्तविक परीक्षार्थियों की पहचान सुनिश्चित की गई। नकल की कोशिश पर जीरो टॉलरेंस
डॉ. एसएन साबत ने कहा कि गड़बड़ी की कोशिश करने वाले तत्वों के खिलाफ आयोग और प्रशासन जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहे हैं। परीक्षा को निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस बल, एसटीएफ और सुरक्षा कर्मियों के समन्वय की उन्होंने सराहना की। 10,674 कैमरों से की गई परीक्षा की निगरानी
परीक्षा की लाइव निगरानी के लिए आयोग मुख्यालय और जिला मुख्यालयों पर विशेष कमांड एवं लाइव सीसीटीवी कंट्रोल रूम स्थापित किए गए थे। कुल 10,674 कैमरों से परीक्षा केंद्रों पर लगातार नजर रखी गई। सभी केंद्रों पर जैमर लगाए गए और सघन फ्रिस्किंग की व्यवस्था की गई। ब्लूटूथ डिवाइस के साथ पकड़ा गया अभ्यर्थी
सख्त जांच के दौरान लखनऊ के एक परीक्षा केंद्र पर एक अभ्यर्थी को परीक्षा कक्ष के भीतर ब्लूटूथ डिवाइस के साथ पकड़ा गया। उसके खिलाफ संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है और नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। परीक्षा को सुचारू ढंग से संपन्न कराने में 500 सेक्टर व स्टैटिक मजिस्ट्रेट, 14,696 अधिकारी-कर्मचारियों के साथ इंटेलिजेंस और शिक्षा विभाग की टीमों ने सक्रिय सहयोग किया।