बहुजन समाज को हक और अधिकार दिलाने के लिए मान्यवर कांशीराम ने जीवनभर संघर्ष किया। उन्होंने समाज के वंचित वर्गों को राजनीतिक रूप से जागरूक करने और सत्ता में भागीदारी दिलाने के लिए आंदोलन चलाया। उनके परिनिर्वाण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में उनके संघर्षों और विचारों को याद किया गया।
तिंदवारी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम लामा में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता शिवदास वर्मा ने की। आयोजक समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता गोरेलाल वर्मा और सेक्टर प्रभारी रामबाबू यादव रहे। मुख्य अतिथि सपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री विशंभर प्रसाद निषाद ने कहा कि कांशीराम ने बहुजन समाज को अधिकार दिलाने के लिए डीएस-4 और बहुजन समाज पार्टी का गठन किया। वह सादा जीवन, उच्च विचार के सिद्धांतों के पोषक रहे और 85 प्रतिशत आबादी को अधिकार दिलाने के लिए पूरे देश में संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि यदि कांशीराम नहीं होते तो वह भी राजनीति में नहीं होते और जनता की लड़ाई नहीं लड़ पाते। कांशीराम ने बहुजन समाज को वोट का महत्व समझाते हुए नारा दिया था कि जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी। विशंभर प्रसाद निषाद ने आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में वोट चोरों, चंदा चोरों और मिलावटखोरों से सावधान रहने की अपील की। उन्होंने अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा सरकार बनाने का आह्वान किया। कहा कि सरकार बनने पर गरीब महिलाओं को सालाना 40 हजार रुपये, जनता को 300 यूनिट मुफ्त बिजली, युवाओं को रोजगार तथा दवाई और पढ़ाई मुफ्त उपलब्ध कराने की बात कही गई है। कांशीराम के संघर्ष को किया याद
कार्यक्रम में बहुजन समाज के हक और अधिकारों के लिए कांशीराम के योगदान पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने उनके विचारों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में सैकड़ों महिला-पुरुष रहे मौजूद
कार्यक्रम में सपा के वरिष्ठ नेता पुष्पेंद्र सिंह चुनाले, शिवचंद वर्मा, श्याम वर्मा, भौलिया वर्मा, शिवकली वर्मा, जहरी वर्मा, भारत पाल, सांडी के प्रधान विनोद प्रसाद निषाद और ओमप्रकाश यादव सहित सैकड़ों महिला-पुरुष मौजूद रहे।