निर्वाचक नामावलियों को शुद्ध, अद्यतन और समावेशी बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल करने, गलत प्रविष्टियों में सुधार करने और मतदाता सूची के सत्यापन पर जोर दिया जा रहा है। अभियान में युवा, पहली बार मतदान करने वाले, महिलाएं, दिव्यांग और अन्य वंचित पात्र मतदाताओं को शामिल करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
शुक्रवार को उप जिला निर्वाचन अधिकारी कुमार धर्मेंद्र की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। इसमें मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6, नाम विलोपन के लिए फॉर्म-7 और संशोधन के लिए फॉर्म-8 की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। इसके साथ ही ईसीआईनेट ऐप और मतदाता सेवा पोर्टल के माध्यम से नाम जांचने, बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) के सहयोग तथा अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार पर चर्चा की गई। बैठक के दौरान राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों की उपस्थिति में 10 डी-यू, 10 सी-यू और 10 वीवीपैट मशीनों का रैंडम चयन किया गया। चयनित मशीनों की कार्यप्रणाली और भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की गई। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने अपनी मौजूदगी में मशीनों का निरीक्षण किया। निर्वाचन आयोग की निर्धारित प्रक्रिया और मानक संचालन प्रक्रिया का पालन करते हुए राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों के समक्ष स्ट्रांग रूम को सील कर बंद किया गया। पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न हुई। मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया
विशेष अभियान के तहत पात्र मतदाता फॉर्म-6 के माध्यम से नाम जुड़वाने, फॉर्म-7 के जरिए नाम विलोपन और फॉर्म-8 के माध्यम से विवरण में संशोधन के लिए आवेदन कर सकते हैं। मतदाता सूची में अपना नाम ईसीआईनेट ऐप और आधिकारिक मतदाता सेवा पोर्टल पर भी जांचा जा सकता है। राजनीतिक दलों की मौजूदगी में सत्यापन
बैठक में ईवीएम और वीवीपैट मशीनों के चयन, निरीक्षण तथा स्ट्रांग रूम सील करने की प्रक्रिया राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में पूरी की गई।