रजिस्टर में हस्ताक्षर करने के बाद डॉक्टर अस्पताल से गायब मिले। जिस पर आयुक्त ने नाराजगी जताते हुए कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।
आयुक्त ने ग्रामीण सहकारी समिति और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) जसपुरा का औचक निरीक्षण किया। सहकारी समिति में डीएपी और यूरिया का पर्याप्त भंडार मिलने पर संतोष जताया, जबकि सीएचसी में चिकित्सकों और कर्मचारियों की लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। सबसे पहले आयुक्त ने बहुउद्देशीय ग्रामीण सहकारी समिति पहुंचकर उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था का जायजा लिया। मौके पर किसानों से बातचीत कर खाद की उपलब्धता की जानकारी ली। किसानों ने बताया कि वर्तमान में डीएपी और यूरिया की कोई कमी नहीं है तथा उन्हें समय पर खाद मिल रही है। आयुक्त अजीत कुमार ने समिति के अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को शासन द्वारा निर्धारित मूल्य पर ही उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। वितरण व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी रहे और किसी भी किसान को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े। उन्होंने समिति परिसर में उर्वरकों का स्टॉक, उपलब्ध मात्रा और निर्धारित मूल्य प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। साथ ही टैगिंग, कालाबाजारी, जमाखोरी और निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली की शिकायत मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। वृद्ध, महिला और दिव्यांग किसानों के लिए अलग कतार तथा सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने को भी कहा। इसके बाद आयुक्त ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। अस्पताल में सार्वजनिक स्थान पर ड्यूटी रोस्टर प्रदर्शित नहीं मिला। वहीं वाटर कूलर के पास गंदगी देख उन्होंने नाराजगी जताई और तत्काल सफाई कराने के निर्देश दिए। उपस्थिति पंजिका की जांच में अधीक्षक डॉ. पवन कुमार निरीक्षण के समय अनुपस्थित मिले। स्टाफ नर्स देवकी ने 24 और 25 जुलाई की उपस्थिति दर्ज नहीं की थी। वहीं डॉ. लोकेन्द्र मधुपिया और डॉ. अवधेश कुमार उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर करने के बावजूद कार्यस्थल पर नहीं मिले। इस पर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से स्पष्टीकरण लेकर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।उन्होंने चिकित्सा अधीक्षक को अस्पताल में चिकित्सकों और कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराने, ड्यूटी रोस्टर सार्वजनिक स्थान पर लगाने, अस्पताल परिसर, वार्ड, शौचालय और पेयजल व्यवस्था की नियमित सफाई कराने के निर्देश दिए। साथ ही पर्याप्त दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सीय उपकरणों की कार्यशीलता और आपातकालीन सेवाएं सुचारु रखने को कहा।आयुक्त अजीत कुमार ने कहा कि शासन की प्राथमिकता आमजन को पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना है। निरीक्षण में दिए गए निर्देशों का तत्काल पालन करते हुए निर्धारित समय सीमा में अनुपालन आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े मामलों में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।