बाँदा-ई-ऑफिस प्रणाली लागू कराये जाने को लेकर डीएम सख्त

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ई ऑफिस प्रणाली लागू करने को लेकर डीएम ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि ई-ऑफिस पर कार्य नहीं करने वाले कर्मचारियों का वेतन आहरित होने की दशा में संबंधित कार्यालयाध्यक्ष एवं आहरण-वितरण अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होंगे।
मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार ई-ऑफिस प्रणाली को प्रदेश के समस्त कार्यालयों में पूर्ण रूप से लागू करने हेतु शासन द्वारा जारी सख्त दिशा-निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी जे.रीभा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। ई-ऑफिस प्रणाली के उपयोगकर्ताओं की सहायता हेतु नोडल एजेंसी (UPLC) द्वारा फरवरी 2026 तक प्रतिदिन ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया गया था। ई-ऑफिस से संबंधित विभिन्न रिपोर्ट्स UPLC पोर्टल पर उपलब्ध हैं। जिन्हें कार्यालय स्वयं डाउनलोड कर अनुश्रवण कर सकते हैं। रिपोर्ट्स के परीक्षण से यह स्पष्ट हुआ है कि बार-बार निर्देशित करने,नियमित प्रशिक्षण एवं हैंडहोल्डिंग के बावजूद कुछ यूजर्स द्वारा अभी भी नियमित रूप से लॉगिन कर ई-ऑफिस पर कार्य नहीं किया जा रहा है। जो शासनादेशों का घोर उल्लंघन है। डीएम जे रीभा ने कहा कि मुख्यमंत्री की अपेक्षा के अनुपालन में शासन द्वारा निर्देश भी निर्गत किये गए हैं। शासनादेश के मुताबिक प्रदेश के समस्त कार्यालयों (सचिवालय,निदेशालय, मंडल,जनपद,तहसील, विकास खंड आदि) में प्रत्येक दशा में पत्रावलियों का व्यवहारण एवं पत्राचार केवल ई-ऑफिस के माध्यम से ही किया जाएगा। किसी भी स्थिति में ऑफलाइन (कागजी) फाइलों एवं पत्राचार को स्वीकार नहीं किया जाएगा। ई-ऑफिस प्रणाली पर कार्य करने के उपरांत ही संबंधित कार्मिकों का वेतन आहरित किया जाएगा।ई-ऑफिस पर कार्य नहीं करने वाले कर्मचारियों का वेतन आहरित होने की दशा में संबंधित कार्यालयाध्यक्ष एवं आहरण-वितरण अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होंगे। डीएम ने कहा कि समस्त कार्यालयाध्यक्षों/ आहरण-वितरण अधिकारियों से प्रमाण-पत्र प्राप्त करना अनिवार्य होगा कि “उनके कार्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी एवं वाहन चालक को छोड़कर समस्त कार्मिक ई-ऑफिस पर मैप हैं और कार्य कर रहे हैं”। उक्त प्रमाण-पत्र के बिना आगामी माह का वेतन आहरित नहीं किया जाएगा। यदि किसी कार्यालय में ई-ऑफिस प्रणाली अभी तक अद्यतन रूप से कार्यान्वित नहीं हुई है,तो संबंधित कार्यालयाध्यक्ष को व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी मानते हुए उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रारंभ की जाएगी। डीएम जे रीभा ने निर्देशित किया कि जनपद के समस्त कार्यालयों के बीच आपसी पत्राचार एवं फाइलों का संचार केवल ई-ऑफिस के माध्यम से ही किया जाएगा।ई-ऑफिस में इंटर-इंस्टेंस संचार की सुविधा उपलब्ध है। जिलाधिकारी ने बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सभी कर्मचारी एवं अधिकारी तुरंत अपना ईमेल आईडी बनवा लें तथा उसकी मैपिंग ई-ऑफिस पोर्टल पर कराते हुये उसका लॉगिन पासवर्ड तैयार कर लें। नियमित रूप से समय से ई-ऑफिस पर लॉगिन करना सुनिश्चित करें। इसके पश्चात सभी फाइलों को केवल ई-ऑफिस के माध्यम से ही संचालित किया जाए। ऑफलाइन फाइल स्वीकार नहीं की जाएगी। विकासखंड महुआ एवं कमासिन के खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे ई-फाइल तैयार करने हेतु नियमित रूप से लॉगिन करें। कहा कि अधिशासी अभियंता विद्युत,सेतु निगम एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि अपने विभाग की लॉगिन आईडी बनाकर सभी फाइलें केवल ई-ऑफिस/ईमेल के माध्यम से ही प्रेषित करें। जिलाधिकारी ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि इन निर्देशों का पालन न करने वाले संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों से अपील की कि वह अपने-अपने विभागों/कार्यालयों में तत्काल ई-ऑफिस को पूर्ण रूप से सक्रिय करें तथा शासन की इस डिजिटल पहल को सफल बनाने में अपना पूर्ण सहयोग दें। मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार पाण्डेय ने समस्त कर्मचारियों एवं अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि सभी कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से ई-ऑफिस पर ही कार्य करना सुनिश्चित करें।कम पत्रावलियों को संचालित करने वाले विभागीय अधिकारियों को भी सभी पत्रावलियों का संचालन पूर्ण रूप से ई-ऑफिस के माध्यम से करना होगा। मीटिंग एवं समीक्षा बैठक के कार्यवृत्त (Minutes) सहित सभी संबंधित पत्र ई-ऑफिस से ही जारी किए जाएं।विभागीय स्तर पर होने वाले समस्त कार्य (पत्राचार,फाइल मूवमेंट, अनुमोदन,रिपोर्टिंग आदि) केवल ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से ही किए जाएं। ई-ऑफिस पर नियमित लॉगिन, फाइल तैयार करना,फाइल अग्रेषण तथा डिजिटल साइन करना सुनिश्चित करें। सभी अधिकारियों को अपने-अपने विभाग/कार्यालय के कर्मचारियों को ई-ऑफिस का प्रशिक्षण देने तथा उन्हें निरंतर प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार पाण्डेय जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी पुष्पेन्द्र परियोजना निदेशक डीआरडीए राजेश,मुख्य चिकित्साधिकारी,मुख्य पशु चिकित्साधिकारी,मुख्य कोषाधिकारी,जिला प्रशिक्षण अधिकारी,प्रधानाचार्य आईटीआई, जिला समाज कल्याण अधिकारी,जिला अल्पसंख्यक अधिकारी,सहायक अभियन्ता, लघु सिचाई सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
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Author: UP TIMES NEWS

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