समाजवादी पार्टी कार्यालय में बुधवार को समाजवादी चिंतक एवं ‘छोटे लोहिया’ के नाम से प्रसिद्ध स्वर्गीय जनेश्वर मिश्र की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा उनके बताए समाजवादी सिद्धांतों पर चलने का संकल्प लिया। मुख्य अतिथि सपा के राष्ट्रीय महासचिव, पूर्व सांसद एवं पूर्व मंत्री विशम्भर प्रसाद निषाद ने कहा कि जनेश्वर मिश्र का पूरा जीवन सादगी, संघर्ष और समाजवादी विचारधारा को समर्पित रहा। उन्होंने गरीब, किसान, मजदूर और कमजोर वर्ग के अधिकारों की लड़ाई को जीवन का लक्ष्य बनाया। उन्होंने कहा कि जनेश्वर मिश्र छात्र जीवन से ही समाजवादी आंदोलन से जुड़े और लोकसभा, राज्यसभा सदस्य तथा केंद्र सरकार में मंत्री रहते हुए भी आम लोगों के हितों को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव जनेश्वर मिश्र के राजनीतिक अनुभव और विचारों का विशेष सम्मान करते थे। सरकार के महत्वपूर्ण निर्णयों और चुनावी घोषणा पत्र तैयार करने के दौरान भी उनसे सलाह ली जाती थी। समाजवादी आंदोलन को मजबूत बनाने में उनका योगदान अविस्मरणीय है।विशम्भर प्रसाद निषाद ने जनेश्वर मिश्र के जीवन का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि आंदोलन के दौरान जेल में रहने के समय पत्नी की गंभीर बीमारी की सूचना मिलने पर भी उन्होंने संघर्ष का रास्ता नहीं छोड़ा और कहा था, “पूरा देश मेरा परिवार है।” उन्होंने गरीबों के लिए पक्के मकान की आवश्यकता को लेकर उनके विचारों का भी उल्लेख किया और कहा कि उनके सिद्धांत आज भी समाजवादी आंदोलन के लिए प्रेरणास्रोत हैं।कार्यक्रम में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष किरन वर्मा, नन्द किशोर यादव, सुमन दिवाकर सहित अन्य नेताओं ने भी जनेश्वर मिश्र के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन जिला महासचिव एजाज खान ने किया। इस दौरान पुष्पेंद्र सिंह चुनाले, सी.पी. प्रजापति, अवधबिहारी यादव, अमर सिंह यादव, सिकंदर सिंह यादव, दिलीप कुमार, प्रमोद कुमार, अनुपम लौहवंशी, आशीष निषाद, भारत पाल, वीरेंद्र सिंह, गोरेलाल वर्मा, विमलेश यादव आदि मौजूद रहे।