बाँदा-रक्तदान कर बचाई महिला सहित जुड़वा बच्चों की जान

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खून की कमिके चलते प्रसूतिका की हालत बिगड़ गई। तभी समाजसेवियों ने रक्तदान कर गर्भवती महिला सहित जुड़वा बच्चों की जिन्दगी बचाकर तीनो की जान बचाई।
जानकारी के अनुसार कोतवाली नगर क्षेत्र के बिजली खेड़ा निवासी गुड़िया को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने महिला अस्पताल में भर्ती कराया था। पति दुर्गेश ने बताया कि डॉक्टरों ने पत्नी के शरीर में खून की भारी कमी बताई थी। वही प्रसव के समय भी नजदीक था। डॉक्टरों ने तुरन्त ए पॉजिटिव ब्लड की आवश्यकता बताने के साथ खून के इंतजाम की बात कही। इसी बीच परिवार की आँखों में चिन्ता,चेहरे पर बेबसी और दिल में बस एक ही उम्मीद थी कि कहीं से जीवन बचाने वाला रक्त मिल जाए। जरूरतमन्द लोगों ने बलखण्डी नाका निवासी समाजसेवी रत्नेश गुप्ता से फोन में मदद मांगी तो वे भी गर्भवती महिला एवं पेट में पल रहे जुड़वा बच्चों की जान बचाने के लिए जुट गये। समाजसेवी रत्नेश ने शुभम धुरिया से फोन में बात की तो वह सहर्ष रक्तदान करने के लिए तैयार हो गए। ऐसे कठिन समय में शुभम धुरिया ने सिर्फ खून नहीं दिया बल्कि एक माँ की सांसों को सहारा और आने वाले जुड़वा बच्चों को सुरक्षा व पूरे परिवार को नई उम्मीद दी। समाजसेवी रत्नेश गुप्ता ने बताया कि रक्तदान केवल दान नहीं किसी की धड़कनों को बचाने का सबसे बड़ा मानव धर्म है। सभी के प्रयासों से किसी के घर की खुशियां टूटने से बचाई जा सकती हैं। रत्नेश गुप्ता ने सभी से आग्रह किया कि सभी को इस पुण्य कार्य में आगे आना चाहिए। क्योंकि किसी रक्तदाता का एक प्रयास किसी जरूरतमन्द की पूरी दुनिया बचा सकता है। रक्तदान के अवसर पर गीता गुप्ता,नेतराम वर्मा,ब्लड बैंक की डॉक्टर अर्चना यादव,हरदेव, आशीष कुमार,पंकज जायसवाल,प्रमोद द्विवेदी ने सहयोग प्रदान किया।
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Author: UP TIMES NEWS

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