नंद प्लाजा में संचालित कैफे और मिनी सिनेमा सेंटरों पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 युवक-युवतियों को केबिनों से पकड़ा। छापेमारी के दौरान केबिनों में बेड, अंदर से बंद होने वाली कुंडी और आपत्तिजनक सामान मिला। पुलिस ने चार कैफे और तीन मिनी सिनेमा सेंटर सील कर तीन संचालकों को गिरफ्तार कर लिया है।
आगरा सदर थाना क्षेत्र के नंद प्लाजा में कैफे और मिनी सिनेमा सेंटरों की आड़ में चल रहे गोरखधंधे का गुरुवार को पर्दाफाश हो गया। स्थानीय खुफिया इकाई (एलआईयू) की सूचना पर गठित पुलिस टीम ने एक साथ सात प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान केबिनों से 11 युवक-युवतियां मिलीं। पुलिस ने सभी प्रतिष्ठानों को सील करने के साथ तीन संचालकों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने नंद प्लाजा में संचालित द रैप कैफे, केब मिनी फिल्म्स, द रैपिडो कैफे, बरिस्ता कैफे और द रैप मूवीज समेत सात प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की। जांच में सामने आया कि यहां बिना किसी पहचान पत्र के रुपये लेकर युवक-युवतियों को निजी केबिन उपलब्ध कराए जाते थे। एलआईयू ने इस गोरखधंधे की सूचना पुलिस आयुक्त दीपक कुमार को दी थी। इसके बाद एडीसीपी ट्रैफिक अलका सिंह के नेतृत्व में, एसीपी ताजगंज, एसीपी एलआईयू और पुलिसकर्मियों की संयुक्त टीम गठित की गई। कार्रवाई को गोपनीय रखा गया और संबंधित थाना पुलिस को भी पहले से सूचना नहीं दी गई। दोपहर करीब एक बजे पुलिस टीम एक साथ नंद प्लाजा पहुंची और चार कैफे व तीन मिनी सिनेमा सेंटरों पर छापेमारी कर दी। अभियान में महिला पुलिसकर्मियों को भी शामिल किया गया। केबिन में बेड, अंदर से कुंडी और आपत्तिजनक सामान मिला
छापेमारी के दौरान पुलिस जब केबिनों के अंदर पहुंची तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। प्लाई बोर्ड से बने छोटे-छोटे केबिनों में बेड लगे थे और अंदर से कुंडी लगाने की व्यवस्था थी। एक घंटे के लिए 500 रुपये लेकर केबिन उपलब्ध कराया जाता था। साथ में एक सैंडविच और 20 रुपये की कोल्ड ड्रिंक मुफ्त दी जाती थी। केबिनों में रोशनी के नाम पर जीरो वाट के रंगीन बल्ब लगाए गए थे। पुलिस को कई आपत्तिजनक सामान भी मिले, जिन्हें कब्जे में ले लिया गया। रो पड़े युवक-युवतियां, घर पर सूचना न देने की लगाई गुहार
पुलिस कार्रवाई के दौरान पकड़े गए युवक-युवतियों ने पूछताछ में बताया कि कैफे और मिनी सिनेमा सेंटर मिलने-जुलने के लिए सुरक्षित जगह समझकर आते थे। उनका कहना था कि रुपये देने के बाद बिना आईडी के केबिन मिल जाते थे। कई युवक-युवतियों ने बताया कि वे घर से कॉलेज, कोचिंग या शॉपिंग का बहाना बनाकर आए थे। पकड़े जाने के बाद कई युवतियां रोने लगीं और पुलिस से घर वालों को सूचना नहीं देने की गुहार लगाती रहीं। कुछ युवक-युवतियों ने बताया कि उनकी शादी तय हो चुकी है और वे सिर्फ मिलने आए थे। संचालकों पर कार्रवाई, जांच जारी
पुलिस ने तीन संचालकों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। वहीं सभी सात प्रतिष्ठानों को सील कर दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। यदि इस गोरखधंधे में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।