आयुक्त ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व वादों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि नामांतरण के कोई भी वाद 45 दिन से अधिक लंबित न रहें और पांच वर्ष से अधिक पुराने मामलों के निस्तारण के लिए अलग कार्ययोजना तैयार की जाए।
आयुक्त चित्रकूटधाम मंडल अजीत कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को मंडल के सभी तहसीलदार, तहसीलदार (न्यायिक) और नायब तहसीलदारों की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में चारों जिलों में लंबित राजस्व वादों, नामांतरण, पैमाइश, सीमांकन, कुर्राफाट, अवैध अतिक्रमण, राजस्व निरीक्षण और संभावित बाढ़ की तैयारियों की समीक्षा की गई।
आयुक्त ने कहा कि राजस्व विभाग से जुड़े प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि नामांतरण वादों के निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाया जाए और कोई भी मामला 45 दिन से अधिक लंबित न रहे। साथ ही तहसीलदार नियमित रूप से लंबित वादों की समीक्षा कर अनावश्यक देरी के लिए जिम्मेदारी तय करें। उन्होंने पांच वर्ष या उससे अधिक समय से लंबित राजस्व वादों के लिए अलग कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। ऐसे मामलों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए उनकी प्रगति से आयुक्त कार्यालय को भी अवगत कराने को कहा। रोवर तकनीक से हो पैमाइश
आयुक्त ने भूमि विवादों के स्थायी समाधान के लिए पैमाइश, सीमांकन और कुर्राफाट संबंधी मामलों को प्राथमिकता से निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पैमाइश में रोवर तकनीक का अनिवार्य रूप से उपयोग किया जाए, जिससे प्रक्रिया वैज्ञानिक, पारदर्शी और विवादरहित हो सके। साथ ही सभी राजस्व अधिकारियों और लेखपालों को इस तकनीक का प्रशिक्षण देने के निर्देश भी दिए। अतिक्रमण हटाने को चलाएं अभियान
बैठक में सरकारी भूमि, सार्वजनिक मार्ग, तालाब, चारागाह और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों पर हुए अवैध अतिक्रमण की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने पुलिस के समन्वय से तत्काल अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक तहसील में नियमित अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाने और उसकी अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। अनुपस्थित मिले लेखपाल तो होगी कार्रवाई
आयुक्त अजीत कुमार ने निर्देश दिए कि सभी लेखपाल अपने रोस्टर के अनुसार तैनाती स्थल और ग्राम पंचायत भवन में नियमित रूप से उपस्थित रहकर आमजन की समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने चेतावनी दी कि रैंडम जांच में बिना अनुमति अनुपस्थित मिलने वाले लेखपालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। बाढ़ की तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश
संभावित बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं की तैयारियों की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने बाढ़ संभावित क्षेत्रों का सर्वे कराने, राहत शिविर, नाव, पेयजल, खाद्यान्न, दवाइयों और पशुचारे की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्थानीय प्रशासन और पुलिस के साथ समन्वय बनाकर प्रभावी आपदा प्रबंधन योजना तैयार रखने को कहा। बैठक के अंत में आयुक्त ने कहा कि राजस्व विभाग सीधे आमजन से जुड़ा है। ऐसे में सभी अधिकारी पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करें। राजस्व वादों के समयबद्ध निस्तारण, अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई, लेखपालों की नियमित क्षेत्रीय उपस्थिति और जनता की शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।