समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की तीसरी सीट के लिए प्रत्याशी उतारने की अटकलों पर विराम लगाते हुए अब अपना पूरा ध्यान 2027 के विधानसभा चुनाव पर केंद्रित करने के संकेत दिए हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर लिखा, “अब हमारी निगाह तीन पर नहीं, चार सौ तीन पर है।” उनके इस बयान को तीसरे राज्यसभा प्रत्याशी से पीछे हटने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव होना है। सपा पहले ही दो प्रत्याशियों के नाम घोषित कर चुकी है। तीसरे प्रत्याशी को लेकर पिछले कई दिनों से राजनीतिक हलचल बनी हुई थी। हालांकि संख्या बल को देखते हुए तीसरी सीट के लिए आवश्यक समर्थन जुटाना सपा के सामने चुनौती बना हुआ था।
अखिलेश यादव के ताजा बयान के बाद माना जा रहा है कि सपा अब राज्यसभा की तीसरी सीट के लिए मुकाबले में नहीं उतरेगी। इससे राज्यसभा चुनाव में सपा के दो और भाजपा के आठ प्रत्याशियों के निर्विरोध चुने जाने का रास्ता साफ होता दिख रहा है। इससे पहले अखिलेश यादव ने गठबंधन के संदर्भ में भी कहा था कि मुद्दा सीटों की संख्या नहीं बल्कि चुनाव में जीत हासिल करना है। कांग्रेस की ओर से उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अधिक सीटों की मांग के बीच उनके बयान को सीट बंटवारे की बातचीत के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। 403 विधानसभा सीटों पर तैयारी
सपा अब 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर प्रदेश की सभी 403 सीटों पर रणनीति मजबूत करने पर ध्यान देगी। पार्टी की ओर से संगठन को चुनावी तैयारियों में जुटाने की प्रक्रिया पहले से चल रही है। कांग्रेस से सीट बंटवारे पर नजर
कांग्रेस उत्तर प्रदेश में करीब 200 सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग कर रही है और अक्टूबर में सीट बंटवारे को अंतिम रूप देने की बात कह रही है। ऐसे में सपा के 403 सीटों पर फोकस वाले बयान के बाद दोनों दलों के बीच होने वाली बातचीत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।