विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों ने मंगलवार को चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए संसद से निर्वाचन सदन तक विरोध मार्च निकाला। इंडिया गठबंधन के कई सांसद चुनाव आयोग कार्यालय पहुंचकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। इसके बाद विपक्षी नेता सड़क पर धरने पर बैठ गए और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की।
मार्च में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, अखिलेश यादव समेत इंडिया गठबंधन के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर रखी थी। कई स्थानों पर बैरिकेड लगाए गए थे। प्रदर्शन के दौरान कुछ सपा सांसद बैरिकेड पर चढ़ गए, जिसके बाद पुलिस ने कई नेताओं को हिरासत में लिया। विपक्षी दल एसआईआर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग भी की जा रही है। प्रदर्शन के दौरान अखिलेश यादव ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की चिंताओं को सामने रखा और पूर्व के चुनावों का हवाला देते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। पुलिस ने मार्च को निर्वाचन सदन तक पहुंचने से रोक दिया। प्रदर्शन के चलते मध्य दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई और पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई। विपक्षी नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची और एसआईआर से जुड़े मुद्दों को लेकर उनकी चिंताओं का समाधान किया जाना चाहिए। एसआईआर पर विपक्ष का विरोध
विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया में कई स्तर पर अनियमितताएं सामने आई हैं। इसी मुद्दे को लेकर इंडिया गठबंधन लगातार चुनाव आयोग से जवाब मांग रहा है। पुलिस की कार्रवाई
मार्च को रोकने के बाद पुलिस ने कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों और नेताओं के बीच कई स्थानों पर धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी।