मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयुक्त चित्रकूटधाम मंडल की अध्यक्षता में आयुक्त कार्यालय सभागार में हुई। बैठक में मंडल के चारों जनपदों में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति, मृतकों व घायलों की संख्या, प्रवर्तन कार्रवाई और दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान सड़क सुरक्षा को लेकर संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए।
सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए हेलमेट, सीट बेल्ट, वाहन चलाते समय मोबाइल के प्रयोग, ड्रिंक एंड ड्राइव और ओवरस्पीडिंग के विरुद्ध प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई करने को कहा गया। सभी जनपदों में जिला सड़क सुरक्षा समिति की नियमित बैठकें आयोजित कर कार्ययोजना के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
हमीरपुर, महोबा और बांदा के साथ तिंदवारी-फतेहपुर मार्ग समेत अन्य मार्गों पर चिन्हित ब्लैक स्पॉट के सुधारात्मक कार्य बरसात समाप्त होने का लाभ उठाते हुए निर्धारित समय से पहले पूरा कराने को कहा गया। मंडल के चारों जनपदों में चिन्हित ब्लैक स्पॉट का संयुक्त निरीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्य शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए गए।
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए सीसीटीवी कैमरा, स्पीड कैमरा, रेस्ट एरिया, जर्क/रिफ्लेक्टर टेप और आवश्यक सूचना संकेतकों की स्थापना से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। जीरो फैटलिटी जिला के तहत किए जा रहे कार्यों और दुर्घटनाओं में कमी लाने के उपायों पर भी चर्चा हुई। रोडवेज बसों को निर्धारित मार्गों पर ही संचालित करने तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए। परिवहन निगम और निजी बस संचालकों को नियमों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया। नियमों के विरुद्ध यात्रियों से किराया वसूलने अथवा अन्य नियमों का उल्लंघन करने वाले निजी वाहन व बस संचालकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए। परिवहन निगम के चालकों का नियमित स्वास्थ्य और नेत्र परीक्षण कराने तथा उनकी फिटनेस सुनिश्चित करने को कहा गया। फिटनेस समाप्त वाहनों की जांच और कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य विभाग में संचालित एंबुलेंस समेत सभी वाहनों का फिटनेस प्रमाण-पत्र अद्यतन रखने को कहा गया। फिटनेस समाप्त होने के बावजूद मरीजों के परिवहन में इस्तेमाल हो रही एंबुलेंस की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश आरटीओ को दिए गए। आपातकालीन चिकित्सा सुविधा के तहत एंबुलेंस का दुर्घटना स्थल तक पहुंचने का रिस्पांस टाइम अधिकतम 15 मिनट रखने पर विशेष जोर दिया गया। मंडल के सभी चिकित्सालयों का निरीक्षण कर आवश्यक कमियों का निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। विद्यालयों में विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति का गठन कराने, स्कूली वाहनों में अनिवार्य रूप से अटेंडेंट की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा बालिकाओं के परिवहन के दौरान महिला अटेंडेंट की उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया। विद्यालय वाहनों के चालकों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य कराने और विद्यालयों से की गई कार्रवाई की प्रमाणित रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। नियमों का पालन नहीं करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने को कहा गया। ओवरलोड माल वाहनों, धुंधली अथवा अमान्य नंबर प्लेट और बिना एचएसआरपी नंबर प्लेट वाले वाहनों के खिलाफ प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई के निर्देश दिए गए। मार्ग किनारे और विद्यालयों के आसपास यातायात में बाधा बनने वाली दुकानों व अतिक्रमण के व्यवस्थित प्रबंधन तथा अवैध पार्किंग के विरुद्ध कार्रवाई की समीक्षा की गई।
मार्गों पर होल्डिंग एरिया की व्यवस्था सुनिश्चित करने और उसका क्षेत्रफल न्यूनतम 500 वर्गमीटर रखने के निर्देश दिए गए। होल्डिंग एरिया में पानी, शौचालय समेत आवश्यक मूलभूत सुविधाएं और पुलिस पिकेट की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। हिट एंड रन योजना का प्रभावी क्रियान्वयन और व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश भी दिए गए। गुड सेमेरिटन योजना की समीक्षा करते हुए मंडल के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों की मदद करने वाले लोगों को चिन्हित कर उनकी सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
आयुक्त अजीत कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नियमों के विरुद्ध कोई भी बस अथवा वाहन संचालित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए केवल प्रवर्तन कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सड़क की तकनीकी कमियों का सुधार, वाहनों की फिटनेस, चालकों का स्वास्थ्य परीक्षण, विद्यालयी वाहनों की सुरक्षा, जनजागरूकता और त्वरित चिकित्सा सहायता पर एक साथ प्रभावी कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाने के निर्देश दिए। सड़क सुरक्षा के प्रमुख निर्देश
ब्लैक स्पॉट का संयुक्त निरीक्षण, तकनीकी कमियों का सुधार और ओवरस्पीडिंग समेत यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई तेज करने को कहा गया। स्कूली व आपातकालीन परिवहन
स्कूली वाहनों की फिटनेस, चालक सत्यापन और अटेंडेंट की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के साथ दुर्घटना स्थल पर एंबुलेंस का रिस्पांस टाइम अधिकतम 15 मिनट रखने पर जोर दिया गया।