लखनऊ-यूपी में चीनी की कमी नहीं, जमाखोरों पर कसेगा शिकंजा

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उत्तर प्रदेश में चीनी की उपलब्धता को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने प्रदेशवासियों को भरोसा दिलाया कि राज्य में चीनी का पर्याप्त भंडार है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री ने जमाखोरी, कालाबाजारी और कृत्रिम रूप से कीमतें बढ़ाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
लखनऊ में हुई समीक्षा बैठक में बताया गया कि प्रदेश की चीनी मिलों में कुल 179.38 लाख कुंतल चीनी उपलब्ध है। इसमें सहकारी चीनी मिलों में 23.60 लाख कुंतल, निगम की मिलों में 5.28 लाख कुंतल और निजी चीनी मिलों में 150.50 लाख कुंतल चीनी का भंडार है। जून और जुलाई में चीनी मिलों ने करीब 235 लाख कुंतल चीनी की बिक्री की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरत पड़ने पर 15 अक्टूबर से चीनी मिलों का संचालन शुरू कराया जाए।
30 दिन से अधिक स्टॉक पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कोई भी डीलर 30 दिन से अधिक का चीनी स्टॉक न रखे। इसके साथ ही एक समय में 400 टन से अधिक चीनी का भंडारण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रतिमाह 10 मीट्रिक टन तक चीनी की खपत करने वाले बल्क उपभोक्ता भी 15 दिन से अधिक का स्टॉक नहीं रख सकेंगे। चीनी मिलों को अपने मासिक कोटे के तहत बेची गई चीनी को बिक्री की तारीख से सात दिन से अधिक समय तक गोदाम में रोकने की अनुमति नहीं होगी।
डीएम कराएंगे गोदामों का भौतिक सत्यापन
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने जनपदों में पंजीकृत चीनी मिलों, थोक विक्रेताओं और फुटकर विक्रेताओं के गोदामों का भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए। सत्यापन के दौरान वास्तविक स्टॉक की स्थिति की रिपोर्ट तैयार कराई जाएगी। निर्धारित सीमा से अधिक भंडारण या जमाखोरी मिलने पर संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चीनी की उपलब्धता और कीमतों पर लगातार नजर रखने को कहा। किसी भी जिले में कृत्रिम कमी या अनुचित मूल्य वृद्धि की स्थिति सामने आने पर तत्काल शासन को अवगत कराने के निर्देश दिए गए।
2026-27 में 90 लाख टन उत्पादन का अनुमान
बैठक में बताया गया कि पेराई सत्र 2026-27 में करीब 28.14 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने की खेती संभावित है। इससे लगभग 90 लाख टन चीनी उत्पादन का अनुमान है। प्रदेश में हर महीने करीब चार लाख टन चीनी की खपत होती है। मुख्यमंत्री को यह भी बताया गया कि पेराई सत्र 2025-26 में 48 लाख गन्ना किसानों को 32,554 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है। मुख्यमंत्री ने आमजन से चीनी की कमी को लेकर फैलने वाली अफवाहों पर ध्यान न देने और अधिकारियों को बाजार में पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखने के निर्देश दिए।
UP TIMES NEWS
Author: UP TIMES NEWS

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