जेल के भीतर तंबाकू बेचने को लेकर शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। धारदार हथियार से किए गए हमले में आर्म्स एक्ट के मामले में बंद विचाराधीन कैदी प्रमोद गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद जेल प्रशासन और पुलिस में हड़कंप मच गया।
बताया गया है कि वारदात वार्ड-3 में हुई। मृतक प्रमोद जेल के अंदर तंबाकू बेचने का काम करता था। इसी को लेकर कैदियों के बीच कहासुनी और विवाद होने की बात सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इसी रंजिश ने बाद में हिंसक रूप ले लिया। सूत्रों के मुताबिक, साथी कैदियों भोला और मुकेश पर प्रमोद पर धारदार हथियार से हमला करने का आरोप है। हमले में प्रमोद बुरी तरह घायल हो गया। जेल प्रशासन ने उसे इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार, जेल के भीतर तंबाकू के कारोबार और अन्य अवैध गतिविधियों को लेकर कैदियों के बीच आपसी रंजिश की बात भी सामने आ रही है। हालांकि हत्या के पीछे की पूरी वजह और घटना में किस-किस की भूमिका रही, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। पुलिस और जेल अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जेल जैसी कड़ी सुरक्षा वाली जगह के अंदर धारदार हथियार से हत्या की वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि हमले में इस्तेमाल हथियार कैदियों तक कैसे पहुंचा और वारदात के दौरान निगरानी व्यवस्था में क्या स्थिति थी। तंबाकू के कारोबार से शुरू हुआ विवाद
मृतक जेल के अंदर तंबाकू बेचने का काम करता था। इसी कारोबार को लेकर कैदियों के बीच विवाद और रंजिश की आशंका जताई गई है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। धारदार हथियार से हमले में गई जान
वार्ड-3 में हुए हमले में प्रमोद गंभीर रूप से घायल हुआ। अस्पताल ले जाने के बाद उसकी मौत हो गई। भोला और मुकेश पर हमले का आरोप है। वहीं पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।