जल निकासी की समस्या के समाधान को लेकर शुरू हुआ विवाद उस समय बढ़ गया, जब पूर्व और वर्तमान नगर पंचायत अध्यक्ष आमने-सामने आ गईं। कहासुनी के बाद दोनों पक्षों में हाथापाई की स्थिति बन गई। घटना के बाद दोनों पक्षों की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
हमीरपुर में वार्ड नंबर नौ के बस स्टैंड नई बस्ती इलाके में गुरुवार सुबह जलभराव की समस्या को लेकर नगर पंचायत की टीम मौके पर पहुंची थी। नगर पंचायत अध्यक्ष आशा रानी कबीर कर्मचारियों और जेसीबी के साथ नाली से पानी का बहाव सुचारु कराने के लिए पहुंची थीं। इसी दौरान पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष और सपा नेत्री माया वाल्मीकि से नाली के पानी के बहाव को लेकर विवाद हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बातचीत के दौरान मामला बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच हाथापाई होने लगी। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति को शांत कराया। इस दौरान ईंट से हमला करने के प्रयास की बात भी सामने आई है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, हालांकि वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
नाली के निर्माण को लेकर दोनों पक्षों के एक एक दूसरे पर लगाये आरोप
बताया गया कि नाली पर बनी पट्टी के कारण पानी की निकासी प्रभावित हो रही थी। नगर पंचायत कर्मचारियों ने दो दिन पहले पट्टी हटाई थी। इसके बाद पूर्व अध्यक्ष के मकान के सामने नाली के पास नए निर्माण को लेकर भी विवाद की स्थिति बनी। नगर पंचायत की टीम इसी मामले में मौके पर पहुंची थी।
पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष माया वाल्मीकि ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत अध्यक्ष उनके मकान और गार्डन को हटाने के उद्देश्य से टीम लेकर पहुंची थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उनके साथ अभद्रता और मारपीट की गई। वहीं नगर पंचायत अध्यक्ष आशा रानी कबीर का कहना है कि वार्डवासियों की जलभराव संबंधी शिकायत के बाद वह कर्मचारियों और जेसीबी के साथ मौके पर पहुंची थीं। उनके अनुसार नाली में निर्माण सामग्री लगाए जाने से पानी का बहाव बाधित था। उसे हटाने की बात पर विवाद शुरू हुआ और पूर्व अध्यक्ष की ओर से गाली-गलौज तथा मारपीट का आरोप लगाया गया। पुलिस ने शुरू की जांच
मामले में नगर पंचायत के गृहकर प्रभारी अनुरुद्ध पांडेय ने भी पुलिस को शिकायती पत्र दिया है। उन्होंने पूर्व अध्यक्ष पर विवाद के दौरान अभद्रता और धमकी देने के आरोप लगाए हैं। वहीं स्थानीय लोगों ने भी नाली जाम होने से जल निकासी प्रभावित होने की बात कही है। थानाध्यक्ष कुरारा प्रिंस दीक्षित के अनुसार विवाद की सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। दोनों पक्षों की ओर से शिकायती पत्र प्राप्त हुए हैं। मामले की जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्यवाही की जायेगी।