अचानक आई बाढ़ ने देखते ही देखते भारी तबाही मचा दी। तेज बहाव में घर, वाहन, पुल और निर्माणाधीन परियोजनाएं बह गईं। कई लोग लापता बताए जा रहे हैं और बड़े पैमाने पर राहत-बचाव अभियान शुरू किया गया है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक कम से कम आठ लोगों की मौत हुई है, जबकि कई अन्य अब भी लापता हैं।
नेपाल के उत्तरी रसुवा जिले में तिब्बत सीमा के पास भोटे कोशी नदी का जलस्तर बुधवार सुबह अचानक तेजी से बढ़ गया। तिमुरे और स्याब्रुबेसी इलाके में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। अधिकारियों के मुताबिक बाढ़ का पानी तिब्बत की ओर से आने की आशंका है। स्थानीय प्रशासन को गांवों और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के बह जाने की सूचनाएं मिली हैं। नेपाल के सशस्त्र पुलिस बल के चार जवान लापता हैं। इसके अलावा रसुवा सीमा शुल्क कार्यालय के 14 कर्मचारी भी संपर्क से बाहर बताए गए हैं। नेपाल के स्वतंत्र विद्युत उत्पादक संघ के अनुसार बाढ़ से 15 हाइड्रोपावर परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिनमें 10 चालू और पांच निर्माणाधीन परियोजनाएं हैं। पुल, वाहन और सीमा शुल्क परिसर भी बहा
नेपाल सेना के अनुसार तिमुरे और स्याब्रुबेसी में बाढ़ से वाहन, व्यावसायिक सामान और अन्य संपत्ति बह गई। सीमा शुल्क परिसर में रखे कई वाहन और सामान भी पानी की चपेट में आ गए। हाल ही में बनाया गया एक पुल भी बाढ़ में नष्ट हो गया। रसुवा की राजधानी काठमांडू से दूरी करीब 125 किलोमीटर है और जिले की आबादी लगभग 50 हजार है।
राहत-बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। ऊंचे जलस्तर के कारण कई स्थानों पर हेलीकॉप्टरों के उतरने में भी परेशानी सामने आई है। नेपाल सरकार ने पुलिस और सेना को राहत एवं बचाव अभियान में लगाया है। कई जिलों में नदी किनारे रहने वालों को चेतावनी
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण ने रसुवा के अलावा नुवाकोट, धाडिंग, चितवन और गोरखा में नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है।
तिब्बत के सीमावर्ती क्षेत्र में भी भूस्खलन से सड़क, बिजली और संचार व्यवस्था प्रभावित होने की खबर है। इस बीच अधिकारियों ने आगे और नुकसान की आशंका को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी है।