चलती कार लिंग जांच करने तथा गर्भपात कराने वाले गैंग को पुलिस ने पकड़ा है। जिनके कब्जे से चीन की पोर्टेबल मशीन बरामद हुई है।
गाजियाबाद जिले में भ्रूण की लिंग जांच करने व गर्भपात कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। प्रकरण में स्वास्थ्य विभाग व पुलिस की संयुक्त टीम ने एक अस्पताल संचालक समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी कार में पोर्टेबल मशीन से महिलाओं के गर्भ में पल रहे भ्रूण की लिंग जांच करते थे। आरोपियों को महामाया स्टेडियम के पास उस समय पकड़ा गया, जब वे जांच के लिए एक महिला के आने का इंतजार कर रहे थे। पुलिस ने उनके कब्जे से चीन निर्मित पोर्टेबल जांच मशीन, कार, 20 हजार रुपये नकद और जांच से जुड़े अन्य उपकरण बरामद किए हैं। एसीपी कोतवाली उपासना पांडेय ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में बागपत के चांदीनगर थाना क्षेत्र के गठी कलंजरी निवासी संदीप, बुलंदशहर के खानपुर निवासी तस्लीम, गढ़मुक्तेश्वर निवासी सलमान और गाजियाबाद के सिहानी निवासी साहिद शामिल हैं। एसीपी के अनुसार, संदीप लोनी के बंथला फ्लाईओवर के पास स्थित साईं अस्पताल का संचालक है और पहले भी भ्रूण जांच के मामलों में नाम सामने आ चुका है। जनवरी 2025 में स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के दौरान उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसके बावजूद उसके इस नेटवर्क से जुड़े रहने की बात सामने आई है। पुलिस अन्य संदिग्ध लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। 60 हजार रुपये में था गर्भपात कराने का पैकेज
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी तस्लीम ने बताया कि केवल भ्रूण की लिंग जांच के लिए 15 से 20 हजार रुपये तक लिए जाते थे, जबकि जांच और गर्भपात दोनों शामिल होने पर पैकेज 50 से 60 हजार रुपये तक पहुंच जाता था। आरोपियों के साथी निजी व सरकारी अस्पतालों के बाहर सक्रिय रहते थे और गर्भवतियों व उनके परिजनों से संपर्क करते थे। लिंग जांच के लिए उनको हर मामले में 2,500 से 3,000 रुपये और जांच व गर्भपात दोनों कराने पर 10 हजार रुपये तक कमीशन दिया जाता था। आरोपियों ने बताया कि उनके पास हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड समेत देश के कई राज्यों से महिलाएं आती थीं। जांच तथा गर्भपात कराने वाली महिलाओ की तलाश जारी
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि कुछ मामलों में आरोपियों ने गर्भ में बेटी होने की जानकारी देने के बाद गर्भपात की व्यवस्था भी की। कुछ महिलाओं का गर्भपात बंथला स्थित साईं अस्पताल में कराए जाने की बात भी सामने आई है। पुलिस अब इन महिलाओं के बारे में जानकारी जुटा रही है। यह जांच भी की जा रही है कि इस नेटवर्क से देश के अन्य राज्यों के लोग जुड़े हैं या नहीं। नेपाल के रास्ते पहुंची थी चीन निर्मित पोर्टेबल मशीन
पीसीपीएनडीटी (प्री-कन्सेप्शन एंड प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक्स) के नोडल अधिकारी व उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनुराग संजोग ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने बताया है कि बरामद पोर्टेबल मशीन नेपाल के रास्ते मंगाई गई थी। इस संबंध में पुलिस को भी जानकारी दी गई है। जानकारी के अनुसार अस्पतालों में उपयोग होने वाली पोर्टेबल मशीनों की कीमत सामान्य तौर पर पांच लाख से 25 लाख रुपये तक होती है, जबकि आरोपियों तक पहुंची चीन निर्मित मशीन दो से तीन लाख रुपये में उपलब्ध होने की बात सामने आई है। पुलिस अब मशीन सप्लाई करने वाले नेटवर्क की जांच कर रही है।