स्वतंत्रता संग्राम के नन्हे क्रांतिकारी शहीद रामचंद्र विद्यार्थी की स्मृति में शुक्रवार को अखिल भारतीय प्रजापति कुंभकार महासभा फोरम के तत्वावधान में तिरंगा यात्रा निकाली गई। राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल प्रजापति के नेतृत्व में निकली यात्रा में समाज के लोगों ने हाथों में तिरंगा लेकर शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की और देश की एकता-अखंडता का संकल्प लिया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल प्रजापति ने कहा कि शहीद रामचंद्र विद्यार्थी ने महज 13 वर्ष की अल्पायु में वर्ष 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में हिस्सा लिया था। उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई और देश की आजादी के लिए अपना बलिदान दिया। उनकी स्मृति में आयोजित तिरंगा यात्रा के दौरान लोगों ने उनके त्याग और संघर्ष को याद किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल प्रजापति ने यह भी कहा कि देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले शहीदों को हमेशा याद रखना चाहिए। युवाओं को स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास और शहीदों के योगदान से परिचित कराने की जरूरत है, ताकि उनमें राष्ट्रप्रेम और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना मजबूत हो। तिरंगा यात्रा में रामपाल प्रजापति, विश्वनाथ प्रजापति, पन्नालाल प्रजापति, दिनेश कुमार प्रजापति, वासुदेव प्रजापति, अनिल कुमार प्रजापति, श्यामकांत प्रजापति, श्रीराम प्रजापति, रामेश्वर प्रजापति, कुंवर सिंह प्रजापति, उमाकांत प्रजापति, पुनीत प्रजापति, राकेश प्रजापति, शिवानी प्रजापति, चारु सिंह प्रजापति, संजय प्रजापति, अनुप प्रजापति, प्रदीप प्रजापति, विनय प्रजापति, कुणाल चंद्र प्रजापति, महेश प्रजापति, राजेंद्र प्रजापति और विवेक प्रजापति समेत बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल रहे। यात्रा के दौरान देशभक्ति के नारे लगाए गए और शहीद रामचंद्र विद्यार्थी के बलिदान को नमन किया गया। इस दौरान देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रहित के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया गया।