केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बताया जा रहा है कि NEET-UG परीक्षा विवाद और जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया। इस घटनाक्रम के बाद देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
इस्तीफे के बाद विभिन्न विपक्षी दलों ने इसे छात्रों की जीत और जनदबाव का परिणाम बताया है। आम आदमी पार्टी, कांग्रेस समेत कई नेताओं ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह फैसला लंबे समय से उठ रही जवाबदेही की मांग के बाद आया है।
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे के संदेश में युवाओं की शक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के भविष्य के लिए शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की आवश्यकता है।
उधर, भाजपा की ओर से अभी तक नए शिक्षा मंत्री के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल की संभावना बढ़ सकती है।