विपक्षी दलों के प्रस्तावित मार्च से पहले राजनीतिक माहौल गरमा गया। राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने और चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों से बचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कथित वोट चोरी के खिलाफ आंदोलन को दबाने की कोशिश की जा रही है।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि दिल्ली में लोगों को आने से रोका जा रहा है और राजधानी को किले में तब्दील कर दिया गया है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए केंद्र सरकार पर उन्हें बचाने का आरोप लगाया। सुप्रीम कोर्ट तक मार्च की तैयारी
इंडिया गठबंधन ने 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने की योजना बनाई। राहुल गांधी ने विपक्षी दलों, युवाओं और नागरिक समाज के संगठनों से इसमें शामिल होने की अपील की। मार्च के जरिए कथित वोट चोरी रोकने, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर रोक लगाने और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई जानी थी। छह मेट्रो स्टेशनों पर आवाजाही प्रभावित
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली मेट्रो ने 12 अक्टूबर को सुबह छह बजे से शाम चार बजे तक छह स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद रखने की घोषणा की। इनमें पटेल चौक, जनपथ, राजीव चौक, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय और बाराखंबा रोड शामिल हैं। इन स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा जारी रखने की बात कही गई। दिल्ली के कुछ इलाकों में यातायात प्रतिबंध और मार्ग परिवर्तन भी लागू किए गए। चुनाव प्रक्रिया को लेकर टकराव
विवाद मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका को लेकर है। विपक्ष ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं, जबकि चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया को निष्पक्ष बताया गया है। इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच टकराव के बीच दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई। विपक्ष की प्रमुख मांगें
विपक्ष की ओर से कथित वोट चोरी रोकने, एसआईआर प्रक्रिया पर रोक लगाने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई गई है। राहुल गांधी ने इसे लोकतंत्र और संविधान से जुड़ा मुद्दा बताया। राजधानी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मार्च को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई और प्रमुख इलाकों में बैरिकेडिंग की गई। मेट्रो स्टेशनों पर अस्थायी पाबंदियों और यातायात बदलाव के कारण यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाने की सलाह दी गई।