राम मंदिर में चढ़ावे की रकम में कथित गड़बड़ी और चोरी के मामले में गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी अंतिम जांच रिपोर्ट सौंप दी है। जांच में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा की मामले में कोई भूमिका सामने नहीं आई। SIT की रिपोर्ट के बाद दोनों को बड़ी राहत मिली है। तीन सदस्यीय टीम ने खंगाले दस्तावेज और जुटाए साक्ष्य
मामले की जांच के लिए शासन की ओर से तीन सदस्यीय SIT गठित की गई थी। टीम ने चढ़ावे से संबंधित रिकॉर्ड, लेनदेन से जुड़े दस्तावेज और मामले से संबंधित लोगों के बयान दर्ज कर जांच की। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर टीम ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद विस्तृत पड़ताल जारी रखी और अब अंतिम रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। जांच के बाद रिपोर्ट का गृह विभाग की ओर से परीक्षण किया गया। इसके बाद इसे आवश्यक कार्रवाई के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को उपलब्ध कराया गया है। प्रारंभिक जांच के बाद दर्ज हुआ था मुकदमा
SIT की प्रारंभिक जांच के बाद राम जन्मभूमि थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। मामले में कई लोगों को नामजद किया गया था। चढ़ावे की रकम से जुड़े कथित लेनदेन और गड़बड़ी के आरोपों की जांच के दौरान चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा की भूमिका भी जांच के दायरे में रही। अंतिम जांच रिपोर्ट में दोनों के खिलाफ मामले में कोई आपराधिक भूमिका सामने नहीं आने की बात कही गई है। इससे चंपत राय और अनिल मिश्रा को बड़ी राहत मिली है।