अवैध खनन, अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने निगरानी और कार्रवाई को और तेज करने के निर्देश दिए हैं। खनन गतिविधियों की निगरानी के साथ वाहनों की जांच और भंडारण स्थलों के निरीक्षण पर विशेष जोर दिया गया है।
मंगलवार को जिलाधिकारी अमित आसेरी की अध्यक्षता में अवैध खनन, परिवहन एवं ओवरलोडिंग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए गठित टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ लगातार कार्रवाई करने के कड़े निर्देश दिए। क्रेशरों पर लगेंगे हाई रेजोल्यूशन कैमरे
जनपद में संचालित 14 क्रेशरों के प्रवेश और बाहरी प्वाइंट पर एक से दो हाई रेजोल्यूशन कैमरे लगाए जाएंगे। इनकी लाइव रिकॉर्डिंग खनन विभाग के कार्यालय स्तर से भी देखी जा सकेगी। बालू-मौरम के संचालित खनन पट्टों तक पहुंच मार्गों की मरम्मत के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा 17 परियोजनाओं की आंकलन रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिसे जिला खनिज फाउंडेशन न्यास समिति की बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। बालू-मौरम की सफाई के लिए भू-जल का उपयोग करने से पहले भू-गर्भ जल विभाग से एनओसी लेना अनिवार्य किया गया है। सड़क किनारे खनन सामग्री की सफाई करते पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। 202 वाहनों का बैकलॉग दिसंबर तक होगा पूरा
वर्तमान में 14 भंडारण लाइसेंस स्वीकृत हैं, जबकि पूर्व में 23 लाइसेंस स्वीकृत थे। सभी संचालित भंडारण स्थलों का समय-समय पर निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं स्वीकृत एवं संचालित बालू-मौरम खनन पट्टों की खनन और राजस्व विभाग द्वारा महीने में एक से दो बार जांच की जाएगी।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में कम पकड़े गए 202 वाहनों के बैकलॉग को दिसंबर 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। टास्क फोर्स के सदस्यों को लक्ष्य निर्धारित कर प्रेषित करने को कहा गया है। गिट्टी-पत्थर के खनन पट्टों में इस्तेमाल होने वाले बारूद की खरीद के स्थान का संयुक्त टीम से निरीक्षण कर 10 कार्य दिवस में आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी अमित आसेरी ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन, अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से लगातार कार्रवाई सुनिश्चित करें।