जाली नोटों के संगठित गैंग के तीन सदस्यो को अदालत ने दोषी करार देते हुए गैंगस्टर एक्ट के मामले में तीन-तीन साल की सजा सुनाई है। साथ ही जुर्माना भी लगाया है।
विशेष लोक अभियोजक गैंगस्टर एक्ट सौरभ सिंह ने बताया कि जनपद के थाना बबेरू के प्रभारी निरीक्षक टीकाराम वर्मा ने 28 सितंबर 2015 को तहरीर दी की अभियुक्त कपिल गुप्ता पुत्र हनुमान प्रसाद,पंकज पुत्र जवाहरलाल व आलोक उर्फ रामजी गुप्ता पुत्र गोपाल गुप्ता निवासीगण थाना कोतवाली नगर जनपद बांदा का एक संगठित गिरोह है। जिनके विरुद्ध थाना बबेरू में धारा 3(1) गैंगस्टर एक्ट का अभियोग पंजीकृत किया गया। अभियोजन विभाग से समन्वय करके समयबद्ध रूप से साक्षियों का साक्ष्य कराकर प्रभावी पैरवी किए जाने के फलस्वरूप अपर सत्र विशेष न्यायाधीश एडीजे गैंगस्टर एक्ट श्री पाल सिंह द्वारा आरोपियों को 03 -03 वर्ष के कठोर कारावास एवं सभी को 5000 -5000 रुपये के अर्थदण्ड से दंडित किया गया है। जुर्माना अदा न करने पर अभियुक्तों को एक-एक माह का अतिरिक्त कारावास काटना पड़ेगा। गैंगस्टर एक्ट की विवेचना निरीक्षक नंदलाल भारती द्वारा संपादित की गई थी। उक्त मुकदमे में एसपी पलाश बंसल ने कड़ी पैरवी कराई। जिस पर अभियोजन द्वारा न्यायालय में प्रभावी पैरवी करते हुए पैरोकार चक्रधारी कोर्ट मोहर्रिर राकेश सिंह तोमर व विशेष लोक अभियोजक गैंगस्टर एक्ट सौरभ सिंह के द्वारा कड़ी मेहनत करने के बाद आरोपियों को सजा दिलायी गई। बताया गया कि इनका एक संगठित गिरोह है। जिसका गैंग लीडर कपिल गुप्ता है। तथा पंकज व आलोक उर्फ रामजी सक्रिय सदस्य हैं। यह सभी बहुत ही दुर्दांत और बहुत ही शातिर किस्म के अपराधी हैं। जिनके द्वारा एक जुट होकर जाली नोटों का कारोबार बड़े पैमाने पर किया जाता था। सभी अभियुक्तों के उपर न्यायालय में अन्य भी गंभीर धाराओं में मुक़दमे चल रहे है। गैंग लीडर कपिल गुप्ता के उपर और भी गैंगस्टर एक्ट के मुक़दमे चल रहे है। विशेष लोक अभियोजक गैंगस्टर एक्ट सौरभ सिंह ने यह बताया कि यह गैंग अवैध रूप से साजिश करके जाली नोटों की खरीद फरोख्त करना तथा उन्हें दुकानदारों को झांसा देकर देना जैसे अन्य अपराधों के आधार पर गैंगस्टर की कार्यवाही की गई। यह सभी अपराधी बहुत ही दबंग किस्म के हैं। सभी गैंग बनाकर अपराध करते हैं जिससे यह आर्थिक भौतिक लाभ प्राप्त कर धन अर्जित करने में अभ्यस्त अपराधी हैं। इनके आतंक से आसपास के क्षेत्र में दहशत फैली हुई है। जिसके फलस्वरूप इस गैंग के खिलाफ कोई रिपोर्ट दर्ज कराने और गवाही देने का साहस नहीं कर पाता है। इन सभी अभियुक्तों का गैंग चार्ट बनाकर जिलाधिकारी बांदा से अनुमोदित कराकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई। मामले की सुनवाई के दौरान 14/02/2020 को आरोप बनाया गया। अभियोजन द्वारा मुक़दमे में कुल 3 गवाह पेश किए गए अभियोजन की प्रभावी पैरवी द्वारा सभी अभियुक्तों के विरुद्ध न्यायालय में सबूत पेश किए गए। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्य के अवलोकन के बाद अपर सत्र विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट श्री पाल सिंह ने अपने 20 पेज के आदेश में सभी अभियुक्तों कपिल गुप्ता,पंकज और आलोक उर्फ रामजी को दोषी पाते हुए 03 -03 वर्ष के कठोर कारावास और सभी को 5000-5000 रुपये अर्थदण्ड से दंडित किया है।