तेज बारिश के दौरान कच्चे मकान और दीवार गिरने से दो महिलाएं मलबे में दब गईं। परिजनों ने आनन-फानन मलबा हटाकर दोनों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसों की जानकारी मिलते ही परिवारों में कोहराम मच गया।
बांदा के बबेरू और मरका थाना क्षेत्र में मंगलवार रात अलग-अलग घटनाएं हुईं। बबेरू कोतवाली क्षेत्र के सिमौनी गांव निवासी प्यारी (65) पत्नी रामरतन कमरे के बाहर बनी परछतिया के नीचे सो रही थीं। परिवार के अन्य सदस्य दूसरे कमरे में सो रहे थे। इसी दौरान तेज बारिश के बीच कच्चा मकान भरभराकर ढह गया और प्यारी मलबे में दब गईं। शोर सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे और मलबा हटाकर प्यारी को बाहर निकाला। उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बबेरू ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। मृतका के भांजे शिव प्रसाद ने बताया कि प्यारी परछतिया के नीचे लेटी थीं, तभी अचानक मकान ढह गया। मृतका के चार बेटे और तीन बेटियां हैं।
दूसरी घटना मरका थाना क्षेत्र के बायर्रफ गांव के कन्हैया डेरा की है। यहां महादेइया (60) पत्नी रामखेलावन मंगलवार रात कमरे में सो रही थीं। इसी दौरान कच्ची दीवार भरभराकर उनके ऊपर गिर गई। मलबे में दबने से वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। परिजनों ने मलबा हटाकर उन्हें बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दोनों घटनाओं की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बारिश में कच्चे मकानों से बढ़ा खतरा
लगातार बारिश के बीच कच्चे मकानों और दीवारों के गिरने का खतरा बढ़ गया है। जनपद में ऐसे हादसों से लोगों की चिंता बढ़ गई है।