मरकर दो साल बाद एक युवती फिर जिंदा हो गई? चौकिए मत,यह कोई कहानी नहीं है। बल्कि हकीकत है। पिता ने ससुरालीजनों पर दहेज को लेकर बेटी को मार डालने के साथ शव गायब करने मुकदमा कायम कराया था। लेकिन पुलिस ने महाराष्ट्र से उसे जिंदा खोज निकाला है।
जनपद के थाना मरका पर पंजीकृत दहेज हत्या के अभियोग का सफल अनावरण करते हुए थाना मरका व एसओजी की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा तथाकथित मृतका युवती को सकुशल बरामद कर लिया गया है। सीओ बबेरू सौरभ सिंह ने बताया कि थाना मरका क्षेत्र अन्तर्गत कुम्हेणा के रहने वाले बिन्दा प्रसाद द्वारा न्यायालय में दायर अपील के क्रम में न्यायालय द्वारा जारी आदेश के अनुपालन में दिनांक 02.09.2025 को थाना मरका पर मु0अ0सं0 145/2025 धारा 498A/304B भादवि व 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम (दहेज हत्या) पंजीकृत किया गया था। जिसमें पिता द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी कि उसकी पुत्री रागिनी को उसके ससुरालीजनों द्वारा 05 लाख रुपये नकद व सोने की चेन के दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करते थे। तथा 02 वर्ष पूर्व उसकी हत्या कर शव कहीं फेंक दिया है। मुकदमे की विवेचना क्षेत्राधिकारी बबेरु सौरभ सिंह खुद की जा रही थी। एसपी पलाश बंसल ने मुकदमे के निस्तारण के निर्देश भी दिए थे। त्वरित एवं प्रभावी विवेचना के फलस्वरुप अभियोग का अनावरण करते हुए विवेचना के क्रम में ज्ञात हुआ कि रागनी की शादी 23.02.2023 को अखिलेश कुमार निवासी जयरामबारी थाना अतर्रा के साथ हुई थी। बरामद महिला द्वारा पूछताछ में बताया गया कि वह बिना बताए अक्टूबर 2023 में महाराष्ट्र चली गई थी। तब से वह वहीं रह रही थी।पुलिस द्वारा अभियोग में दर्शायी गई तथाकथित मृतका को सकुशल बरामद कर लिया गया है। वहीं अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है। बता दे कि ससुरालीजनों को जेल भिजवाने के पिता दिन रात एक किये हुए था। पिता के कारनामे से ससुरालीजन भी परेशान थे। उनकी नींद तक हराम थी। युवती के सकुशल मिलने के बाद ससुराल वालों ने राहत की सांस ली है।