राम मंदिर के बेहतर संचालन और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला हुआ है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पहली बार पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति कर दी है। इस पद की जिम्मेदारी सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को सौंपी गई है।
अयोध्या में बुधवार को हुई ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक में जितेंद्र मिश्रा के नाम पर अंतिम मुहर लगाई गई। इससे पहले CEO के चयन के लिए गठित सर्च कमेटी ने तीन नामों का पैनल ट्रस्ट को सौंपा था। लंबी चयन प्रक्रिया के बाद ट्रस्ट ने जितेंद्र मिश्रा को इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए चुना। 5,585 आवेदनों से शुरू हुई थी चयन प्रक्रिया
राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए कुल 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे। आवेदनों की स्क्रीनिंग के बाद उम्मीदवारों को कई चरणों में परखा गया। ऑनलाइन बातचीत और अयोध्या में आमने-सामने की चयन प्रक्रिया के बाद अंतिम उम्मीदवारों में से तीन नामों का पैनल तैयार किया गया था। सर्च कमेटी में सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल वीके चतुर्वेदी और वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हावरे शामिल थे। उम्मीदवारों की नेतृत्व क्षमता, प्रबंधन अनुभव, कार्यक्षमता, सत्यनिष्ठा और भविष्य की कार्ययोजना जैसे मानकों पर जांच की गई। ट्रस्ट में भी हुए महत्वपूर्ण बदलाव
CEO की नियुक्ति के साथ ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। पूर्व कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी को नया महासचिव बनाए जाने की जानकारी सामने आई है, जबकि महेश भागचंदका को नया कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके अलावा ट्रस्ट में तीन नए सदस्यों की नियुक्ति भी की गई है।
नई व्यवस्था का उद्देश्य राम मंदिर परिसर के संचालन, प्रशासनिक कार्यों और विभिन्न समितियों के बीच बेहतर समन्वय को मजबूत करना माना जा रहा है। कौन हैं जितेंद्र मिश्रा?
जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत्त एयर मार्शल हैं। उन्होंने भारतीय वायुसेना में लंबे समय तक सेवा की है। उनके सैन्य और प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए उन्हें राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए उपयुक्त माना गया। CEO की नियुक्ति को राम मंदिर के निर्माण के बाद बढ़ते प्रशासनिक और संचालन संबंधी दायित्वों को व्यवस्थित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।