कानपुर-शिक्षक के घर लूट की साजिश में रिश्तेदार निकला मास्टरमाइंड,दबोचे गए पांच आरोपी

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कानपुर के श्यामनगर में शिक्षक शरद चंद्र त्रिपाठी के घर हुई लूट की वारदात का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने रिश्ते के साले प्रशांत उर्फ मोनू समेत पांच आरोपियों को पकड़ा है। पुलिस के अनुसार प्रशांत ने ही अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात की योजना बनाई थी। लूट के बाद बदमाशों ने पुलिस को चकमा देने के लिए रास्ते में बाइक छोड़ दी और ऑटो व लोडर से निकल गए। सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान प्रशांत के साथियों के साथ लोडर में दिखाई देने के बाद पुलिस का शक उस पर गहराया। पुलिस के मुताबिक, श्यामनगर में शिक्षक शरद चंद्र त्रिपाठी के घर लूट के बाद आसपास लगे कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही थी। शुरुआती जांच बाइक सवार बदमाशों पर केंद्रित थी। इसी दौरान एक फुटेज में शिक्षक का रिश्तेदार प्रशांत उर्फ मोनू अपने साथियों के साथ लोडर में नजर आया। वारदात वाले दिन उसके शिक्षक के घर मौजूद रहने की जानकारी भी पुलिस को मिली। पुलिस ने प्रशांत को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वारदात की परतें खुलती चली गईं। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में कमल, रफीक, शफीक और विजय के नाम सामने आए। पुलिस का कहना है कि वारदात के समय कमल, रफीक और शफीक घर के अंदर गए थे, जबकि प्रशांत और विजय कुछ दूरी पर ऑटो में उनका इंतजार कर रहे थे।
जेल में हुई थी रफीक और प्रशांत की मुलाकात
अपर पुलिस आयुक्त डॉ. विपिन ताडा के मुताबिक, प्रशांत की करीब दो साल पहले जेल में रफीक से मुलाकात हुई थी। जेल से बाहर आने के बाद रफीक ने लूट के लिए किसी ठिकाने के बारे में पूछा तो प्रशांत ने अपने ही रिश्ते के जीजा शरद चंद्र त्रिपाठी के घर को निशाना बनाने की योजना बना दी। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों का पहले भी आपराधिक इतिहास रहा है। प्रशांत उर्फ मोनू के खिलाफ 14 मुकदमे दर्ज बताए गए हैं और उसकी हिस्ट्रीशीट भी खुली है। रफीक जूही थाने का हिस्ट्रीशीटर बताया गया है। शफीक, कमल और विजय के खिलाफ भी कानपुर व उन्नाव के अलग-अलग थानों में मामले दर्ज होने की बात सामने आई है।
पुआ देने आया तो बहन के गहनों पर पड़ी नजर
शरद चंद्र त्रिपाठी के मुताबिक, करीब डेढ़ माह पहले मलमास के दौरान प्रशांत उर्फ मोनू उनके घर पुआ देने आया था। उस समय उनकी पत्नी रचना ने गहने पहन रखे थे। पुलिस जांच में सामने आया कि इसके बाद ही प्रशांत ने घर को निशाना बनाने की योजना बनाई। शरद के स्वर्ण जयंती विहार स्थित नए मकान में हुए पूजन कार्यक्रम में भी प्रशांत शामिल हुआ था। पुलिस की जांच के मुताबिक वह परिवार की आर्थिक स्थिति और घर के बारे में पहले से जानकारी रखता था।
वारदात के बाद भी जीजा के घर पहुंचा आरोपी साला
पुलिस के अनुसार, प्रशांत ने खुद पर शक न होने देने की पूरी कोशिश की। वारदात के बाद वह घटनास्थल पर भी पहुंचा और देर शाम तक शरद के घर मौजूद रहा। वह पुलिस अधिकारियों के आसपास भी घूमता रहा, जिससे शुरुआती तौर पर किसी को उस पर संदेह नहीं हुआ। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज ने कहानी बदल दी। फुटेज में उसके साथियों के साथ दिखाई देने के बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की और अन्य आरोपियों तक पहुंची।
बाइक छोड़ ऑटो और लोडर से हुए फरार
पुलिस की जांच में सामने आया कि वारदात के बाद तीन आरोपी घर से बाइक पर निकले थे। रास्ते में चोरी की अपाचे बाइक छोड़ दी गई। इसके बाद आरोपी ऑटो और कमल के लोडर की मदद से श्यामनगर क्षेत्र से निकल गए। उधर पुलिस काफी समय तक बाइक और बाइक सवार बदमाशों की तलाश में जुटी रही।
दो आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक बुधवार रात करीब 10 बजे सनिगवां क्षेत्र में सूचना के आधार पर उन्नाव निवासी शफीक अहमद और शिवकटरा निवासी कमल की घेराबंदी की गई। आरोप है कि दोनों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने उनके पास से दो तमंचे बरामद करने का दावा किया है। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के मुताबिक, प्रशांत उर्फ मोनू से पूछताछ में चार अन्य साथियों के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीमों ने उनकी तलाश शुरू की और आरोपियों तक पहुंची।
रिश्तेदार की भूमिका सामने आने से परिवार स्तब्ध
शरद चंद्र त्रिपाठी ने वारदात के खुलासे पर पुलिस की कार्रवाई की सराहना की। हालांकि रिश्तेदार की कथित भूमिका सामने आने से परिवार को गहरा झटका लगा है। उनका कहना है कि बदमाशों के पकड़े जाने से राहत मिली, लेकिन इस बात का दुख है कि अपने ही रिश्तेदार ने घर को निशाना बनाने की योजना बनाई। वारदात के दौरान पत्नी और बेटे की जान को भी खतरा हो सकता था।पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर लूटे गए सामान की बरामदगी और वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
UP TIMES NEWS
Author: UP TIMES NEWS

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