समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने उनके खिलाफ कार्रवाई से पहले उनसे जुड़े मुकदमों और मामलों के रिकॉर्ड की समीक्षा की। इसके बाद जौहर यूनिवर्सिटी और मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी कर दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले गए।
मुरादाबाद मंडल से जुड़े इस मामले में ईडी ने रामपुर, सहारनपुर और नई दिल्ली में कुल 10 ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की। ईडी की टीमें जौहर यूनिवर्सिटी, जौहर ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों के परिसरों में पहुंचीं। कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की गई। कई मुकदमों का रिकॉर्ड जुटाने के बाद कार्रवाई
रिपोर्ट के मुताबिक, आजम खां के खिलाफ दर्ज कई मुकदमों की सूची जांच एजेंसी के साथ साझा की गई थी। इसके बाद ईडी ने संबंधित मामलों और दस्तावेजों की समीक्षा की। जांच का फोकस कथित वित्तीय अनियमितताओं, संदिग्ध लेनदेन और फंड के इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं पर है। ईडी की कार्रवाई के दौरान केंद्रीय सुरक्षा बलों की मौजूदगी में जौहर यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट से जुड़े परिसरों में कागजी दस्तावेजों के साथ डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की गई। सरकारी ठेकों के फंड से जुड़े लेनदेन की भी पड़ताल
जांच एजेंसी के अनुसार, मामला कथित तौर पर सरकारी ठेकों से जुड़े फंड और निजी ठेकेदारों के माध्यम से धन के कथित डायवर्जन से जुड़ा है। शुरुआती जांच में ऐसे वित्तीय लेनदेन की पड़ताल की जा रही है, जिनका संबंध जौहर ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी से बताया जा रहा है। ईडी का उद्देश्य संदिग्ध बैंक लेनदेन, वित्तीय रिकॉर्ड, दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जुटाना है। कार्रवाई के बाद इस मामले में आगे की जांच जारी है। इस बीच ईडी की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। बहरहाल सपा नेता आजम खान की मुश्किलें और भी बढ़ने के आसार हैं।